NSE का ₹20,000 करोड़ का IPO: निवेशकों के लिए विशेष पात्रता नियम
NSE IPO: ₹20 हजार करोड़ का मेगा इश्यू में लगाना चाहते हैं पैसा? जानें क्यों हर निवेशक नहीं है एलिजिबल
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नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का IPO, जो ₹20,000 करोड़ का है, विशेष पात्रता नियमों के कारण चर्चा में है। इसमें केवल वे शेयरहोल्डर्स भाग ले सकेंगे जिनके पास 15 जून 2025 से पहले के पूरी तरह चुकता NSE के शेयर हैं। यह IPO ऑफर फॉर सेल (OFS) के रूप में होगा, जिसमें कंपनी को कोई धन नहीं मिलेगा।
- 01NSE का IPO ₹20,000 करोड़ का है और इसमें विशेष पात्रता नियम हैं।
- 02केवल वे शेयरहोल्डर्स भाग ले सकेंगे जिनके पास 15 जून 2025 से पहले के चुकता NSE के शेयर हैं।
- 03IPO का ढांचा ऑफर फॉर सेल (OFS) के रूप में होगा, जिसमें मौजूदा शेयरहोल्डर्स अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे।
- 04शेयरहोल्डर्स को EOI जमा करने की अंतिम तिथि 27 अप्रैल 2026 है।
- 05अगर सभी शेयर नहीं बिकते, तो उन पर छह महीने का लॉक-इन लागू होगा।
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नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का IPO, जो ₹20,000 करोड़ का है, निवेशकों के लिए विशेष पात्रता नियमों के साथ आ रहा है। यह IPO ऑफर फॉर सेल (OFS) के रूप में होगा, जिसमें मौजूदा शेयरहोल्डर्स अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। इसमें भाग लेने के लिए, शेयरहोल्डर्स को 15 जून 2025 से पहले के पूरी तरह चुकता NSE के शेयर होने चाहिए। EOI (Expression of Interest) जमा करने की अंतिम तिथि 27 अप्रैल 2026 है। यदि सभी शेयर नहीं बिकते हैं, तो उन पर लिस्टिंग के बाद छह महीने का लॉक-इन लागू होगा, जिससे निवेशकों को तुरंत बाहर निकलने में कठिनाई हो सकती है। इस IPO में 20 मर्चेंट बैंकर शामिल हैं, जो इसे भारत में किसी भी IPO के लिए सबसे बड़ी संख्या में मानते हैं। शेयरहोल्डर्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे सभी नियमों और समय सीमाओं का पालन करें।
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NSE का IPO मौजूदा शेयरहोल्डर्स के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, लेकिन उन्हें नियमों का पालन करना होगा। यदि शेयर नहीं बिकते हैं, तो निवेशकों को अपने पैसे निकालने में कठिनाई हो सकती है।
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