नारायणगढ़ में गंगाजल के मुद्दे पर बीजेपी और तृणमूल के बीच राजनीतिक विवाद
नारायणगढ़ में 'गंगाजल' पर सियासी संग्राम: बीजेपी उम्मीदवार ने की पूजा, तृणमूल ने धुलवाया मंदिर
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पश्चिम मेदिनीपुर के नारायणगढ़ में एक शिव मंदिर को गंगाजल से धोने की घटना ने बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के बीच विवाद को जन्म दिया है। बीजेपी इसे हिंदू विरोधी राजनीति का उदाहरण मानती है, जबकि तृणमूल ने धार्मिक स्थलों के राजनीतिक उपयोग का विरोध किया है।
- 01बीजेपी उम्मीदवार रमाप्रसाद गिरी ने शिव मंदिर में पूजा की।
- 02तृणमूल कार्यकर्ताओं ने पूजा के बाद मंदिर को गंगाजल से धोया।
- 03बीजेपी इसे तृणमूल की हिंदू विरोधी राजनीति का हिस्सा मानती है।
- 04तृणमूल ने धार्मिक स्थलों के चुनावी प्रचार में उपयोग का विरोध किया।
- 05इस घटना ने नारायणगढ़ में राजनीतिक तनाव बढ़ा दिया है।
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान नारायणगढ़ ब्लॉक में एक शिव मंदिर को गंगाजल से धोने की घटना ने राजनीतिक विवाद को जन्म दिया है। बीजेपी उम्मीदवार रमाप्रसाद गिरी ने मंदिर में पूजा की, जिसके बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ताओं ने गंगाजल लेकर आकर मंदिर को धो दिया। बीजेपी इसे तृणमूल की हिंदू विरोधी राजनीति का उदाहरण मानती है, जबकि तृणमूल का कहना है कि बीजेपी धर्म को राजनीतिक हथियार बना रही है। तृणमूल नेता सुकुमार जाना ने कहा कि उनकी पार्टी धर्म को राजनीति से नहीं जोड़ती और इस मामले की पूरी जानकारी लेकर कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने नारायणगढ़ में चुनावी माहौल में तनाव बढ़ा दिया है।
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यह विवाद स्थानीय लोगों के बीच राजनीतिक तनाव और धार्मिक ध्रुवीकरण को बढ़ा सकता है।
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