महिला ई-रिक्शा पायलटों की पहल से बदल रही है उत्तर प्रदेश की ग्रामीण तस्वीर
महिला ई-रिक्शा पायलट बदलेंगी गांवों की तस्वीर, तीन लाख से ज्यादा की सालाना कमाई और सुरक्षित परिवहन का नया मंत्र
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उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए 'सेफ मोबिलिटी प्रोग्राम' के तहत महिला ई-रिक्शा पायलटों की संख्या बढ़ाई जा रही है। इस पहल से 1000 ई-रिक्शा 13 जिलों में उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे महिलाओं की वार्षिक आय 3 लाख रुपये से अधिक हो रही है।
- 01महिला ई-रिक्शा पायलटों को सुरक्षित परिवहन उपलब्ध कराने के लिए 'सेफ मोबिलिटी प्रोग्राम' शुरू किया गया है।
- 02पहले चरण में 1000 ई-रिक्शा 13 जिलों में उपलब्ध कराए जाएंगे।
- 03629 महिलाओं को रिक्शा संचालन का प्रशिक्षण दिया गया है।
- 04महिलाओं की औसत वार्षिक आय 3 लाख रुपये से अधिक हो गई है।
- 05यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
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उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार ने 'सेफ मोबिलिटी प्रोग्राम' की शुरुआत की है। इस पहल के तहत 1000 महिला ई-रिक्शा पायलटों की एक नई फौज तैयार की जा रही है, जो 13 जिलों में सुरक्षित परिवहन सुनिश्चित करेंगी। अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी, कौशांबी और झांसी जैसे शहरों में यह सेवा सफलतापूर्वक शुरू हो चुकी है। इस कार्यक्रम के तहत अब तक 629 महिलाओं को रिक्शा संचालन का प्रशिक्षण दिया गया है और 244 महिलाओं को ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त हुआ है। इस पहल से जुड़ी महिलाओं की औसत वार्षिक आय 3 लाख रुपये से अधिक हो गई है, जिससे वे अपने परिवार की आर्थिक ताकत बन रही हैं। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य को बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है।
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यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाते हुए उनके लिए सुरक्षित परिवहन सुनिश्चित कर रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक बदलाव आ रहा है।
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