चीन और पोलैंड की सोने की खरीदारी से स्थिरता बनी, तुर्की ने बेचा
सोने को लेकर ये चल रहा है? चीन और इस छोटे से देश ने चुपचाप कर दिया खेल
Aaj Tak
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चीन और पोलैंड जैसे केंद्रीय बैंकों की लगातार सोने की खरीदारी ने सोने की कीमतों को स्थिर रखा है, जबकि तुर्की ने बड़े पैमाने पर सोने की बिक्री की है। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में केंद्रीय बैंकों की मांग सोने के लिए एक महत्वपूर्ण आधार बनी रहेगी।
- 01चीन और पोलैंड ने सोने की खरीदारी में तेजी लाई है।
- 02पोलैंड का कुल सोने का भंडार 570 टन हो गया है।
- 03चीन का कुल सोने का भंडार 2,313 टन है।
- 04तुर्की ने फरवरी में 69.1 टन सोना बेचा है।
- 05विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की मांग बढ़ती रहेगी।
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हाल के दिनों में सोने की कीमतों में स्थिरता बनी हुई है, जिसका मुख्य कारण केंद्रीय बैंकों की खरीदारी है। चीन ने फरवरी में 5 टन सोना खरीदा, जिससे उसका कुल गोल्ड रिजर्व 2,313 टन हो गया है, जो इसके विदेशी मुद्रा भंडार का लगभग 10% है। पोलैंड ने भी 20 टन सोना खरीदा, जिससे उसका कुल भंडार 570 टन हो गया है। इसके विपरीत, तुर्की ने फरवरी में 69.1 टन सोना बेचा, जो 2013 के बाद से सबसे बड़ी बिक्री है। विशेषज्ञों का मानना है कि भू-राजनीतिक तनाव और महंगाई के कारण सोने की मांग आगे भी बनी रहेगी।
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केंद्रीय बैंकों की खरीदारी से सोने की कीमतों में स्थिरता बनी रहेगी, जिससे निवेशकों को दीर्घकालिक लाभ मिल सकता है।
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