58 वर्षीय शिक्षकों के लिए TET परीक्षा अनिवार्य, 20 लाख नौकरी पर संकट
58 साल की उम्र में TET एग्जाम देने का फरमान... 20 लाख सरकारी शिक्षकों की नौकरी पर खतरा
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भारत में 20 लाख से अधिक सरकारी शिक्षकों को अब TET (टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट) परीक्षा पास करना अनिवार्य किया गया है, अन्यथा उनकी नौकरी पर खतरा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ शिक्षकों ने रामलीला मैदान, दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किया। शिक्षकों का कहना है कि यह निर्णय उनके लिए अन्याय है।
- 01सुप्रीम कोर्ट ने 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए TET परीक्षा अनिवार्य की है।
- 0258 वर्षीय शिक्षिका अनीता देवी ने इस निर्णय के खिलाफ सवाल उठाए हैं।
- 03शिक्षकों का कहना है कि यह नियम बदलाव उनके लिए अन्यायपूर्ण है।
- 04रामलीला मैदान में हजारों शिक्षकों ने विरोध प्रदर्शन किया।
- 05शिक्षकों ने सरकार से पुराने शिक्षकों को TET से मुक्त करने की मांग की है।
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भारत में 20 लाख से अधिक सरकारी शिक्षकों को अब टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) पास करना अनिवार्य कर दिया गया है, अन्यथा उनकी नौकरी पर खतरा है। यह आदेश सुप्रीम कोर्ट ने दिया है, जिसके खिलाफ शिक्षकों ने रामलीला मैदान, दिल्ली में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया। शिक्षिका अनीता देवी, जिनकी उम्र 58 साल है, ने मीडिया से सवाल किया कि क्या यह उचित है कि उनके जैसे शिक्षकों को परीक्षा देने के लिए मजबूर किया जा रहा है। शिक्षकों का कहना है कि यह निर्णय उनके लिए अन्याय है, क्योंकि उन्होंने कई वर्षों तक शिक्षा दी है। Teachers Federation Of India के राष्ट्रीय सचिव संजीव शर्मा ने कहा कि यह निर्णय पुराने शिक्षकों के लिए अनुचित है और सरकार को उन्हें नए तरीकों से प्रशिक्षित करना चाहिए। शिक्षकों ने मांग की है कि 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को TET से मुक्त किया जाए और सरकार इस मामले में अध्यादेश लाए।
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इस निर्णय से शिक्षकों की नौकरी पर संकट मंडरा रहा है, जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है।
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