ईरान के विदेश मंत्री ने एस. जयशंकर से की फोन पर बातचीत, पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा
ईरान के विदेश मंत्री ने जयशंकर को किया फोन, पश्चिम एशिया के हालात पर हुई चर्चा
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ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं के बीच यह वार्ता पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति और द्विपक्षीय संबंधों पर केंद्रित रही, विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा को लेकर।
- 01ईरान के विदेश मंत्री और भारत के विदेश मंत्री के बीच यह छठी बातचीत है।
- 02बातचीत में पश्चिम एशिया की स्थिति और द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा हुई।
- 03ईरान ने भारत सहित मित्र देशों के जहाजों को होर्मुज से गुजरने की अनुमति दी है।
- 04अमेरिका ने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए चेतावनी दी है।
- 05पश्चिम एशिया भारत के लिए ऊर्जा आपूर्ति का प्रमुख स्रोत है।
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ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने रविवार को भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से फोन पर बातचीत की, जिसमें पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति और द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की गई। यह बातचीत ईरान में युद्ध के बाद दोनों नेताओं के बीच हुई छठी वार्ता है। जयशंकर ने इस मुद्दे पर कतर के प्रधानमंत्री और संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्री से भी चर्चा की। ईरान ने हाल ही में अपने मित्र देशों के जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी है, जबकि अमेरिका ने ईरान को चेतावनी दी है कि यदि वह समझौता नहीं करता है, तो अमेरिका उसके तेल पर कब्जा करने पर विचार कर सकता है। होर्मुज जलडमरूमध्य, जो दुनिया के लगभग 20% तेल और एलएनजी सप्लाई को संभालता है, की सुरक्षा भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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भारत के लिए पश्चिम एशिया से ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा महत्वपूर्ण है। यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में कोई तनाव बढ़ता है, तो इससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
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