सुप्रीम कोर्ट ने पवन खेड़ा की जमानत पर लगाई रोक, असम सरकार की याचिका पर सुनवाई
पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से झटका, हाईकोर्ट के अग्रिम जमानत के फैसले पर लगाई रोक
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कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से झटका मिला है, जहां अदालत ने तेलंगाना हाईकोर्ट द्वारा दी गई ट्रांजिट अग्रिम जमानत पर रोक लगा दी है। असम सरकार ने आरोप लगाया कि पवन खेड़ा के खिलाफ गंभीर आरोप हैं और उन्हें राहत नहीं मिलनी चाहिए।
- 01सुप्रीम कोर्ट ने पवन खेड़ा की ट्रांजिट अग्रिम जमानत पर रोक लगाई।
- 02तेलंगाना हाईकोर्ट के फैसले को असम सरकार ने चुनौती दी थी।
- 03पवन खेड़ा पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी पर गंभीर आरोप हैं।
- 04असम सरकार ने कहा कि पवन खेड़ा को असम में ही जमानत के लिए आवेदन करना चाहिए था।
- 05सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पवन खेड़ा को गिरफ्तारी से कोई संरक्षण नहीं दिया जा सकता।
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कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है, जब अदालत ने तेलंगाना हाईकोर्ट द्वारा दी गई ट्रांजिट अग्रिम जमानत पर रोक लगा दी। असम सरकार ने याचिका दायर कर कहा कि पवन खेड़ा के खिलाफ गंभीर आरोप हैं, जिसमें असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी रिनकी भुइयां शामिल हैं। असम सरकार के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने तर्क दिया कि घटना असम में हुई और पवन खेड़ा को वहां की अदालत में जमानत के लिए आवेदन करना चाहिए था। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पवन खेड़ा को गिरफ्तारी से कोई संरक्षण नहीं दिया जा सकता और यदि वे असम की अदालत में अग्रिम जमानत की मांग करते हैं, तो यह अदालत का आदेश प्रभावित नहीं करेगा। इस मामले में पवन खेड़ा ने आरोप लगाया था कि हिमंता की पत्नी के पास तीन देशों के पासपोर्ट हैं, जिसे मुख्यमंत्री ने खारिज कर दिया।
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इस फैसले से पवन खेड़ा की कानूनी स्थिति कमजोर हुई है, जिससे उनकी गिरफ्तारी की संभावना बढ़ गई है।
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