आईआईटी मंडी पर माइंड ट्री स्कूल का लीज समझौते का उल्लंघन करने का आरोप
'IIT मंडी 33 वर्ष के लीज समझौते का कर रहा उल्लंघन', माइंड ट्री स्कूल प्रबंधन का आरोप; खटखटाया हाई कोर्ट का दरवाजा
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माइंड ट्री स्कूल के प्रबंधन ने आईआईटी मंडी प्रशासन पर आरोप लगाया है कि वह 33 वर्ष के लीज समझौते का उल्लंघन कर रहा है, जिससे छात्रों का शैक्षणिक भविष्य खतरे में पड़ गया है। मामला प्रदेश उच्च न्यायालय में है, जहां स्कूल प्रबंधन ने निष्कासन नोटिस को चुनौती दी है।
- 01माइंड ट्री स्कूल ने आईआईटी मंडी पर लीज समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया।
- 02स्कूल प्रबंधन का कहना है कि छात्रों का शैक्षणिक भविष्य खतरे में है।
- 03आईआईटी मंडी के प्रशासन ने बिना कारण स्कूल का संचालन समाप्त करने का नोटिस दिया।
- 04सीबीएसई के नियमों के अनुसार, नए स्कूल को संबद्धता मिलने में दो साल लगते हैं।
- 05स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों को गुमराह करने का आरोप लगाया।
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माइंड ट्री स्कूल, जो कि आईआईटी मंडी परिसर में स्थित है, ने आईआईटी मंडी प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि आईआईटी मंडी ने 2017 में हुए 33 वर्ष के लीज समझौते का उल्लंघन किया है, जिससे स्कूल में पढ़ रहे छात्रों का शैक्षणिक भविष्य संकट में पड़ गया है। इस विवाद की शुरुआत 2022 में नई प्रबंधन समिति के गठन के बाद हुई, जब आईआईटी मंडी के नामित सदस्यों ने स्कूल के दैनिक कामकाज में हस्तक्षेप करना शुरू किया। स्कूल प्रबंधन ने आरोप लगाया है कि उन्हें वित्तीय उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है और बिना किसी स्पष्ट कारण के स्कूल का संचालन समाप्त करने का नोटिस दिया गया है। स्कूल के ट्रस्टी हिरदेश मदान ने चेतावनी दी है कि यदि आईआईटी मंडी स्कूल का जबरन अधिग्रहण करता है, तो छात्रों का बोर्ड परीक्षाओं में बैठना मुश्किल हो जाएगा। सीबीएसई के नियमों के अनुसार, नए स्कूल को संबद्धता मिलने में कम से कम दो साल का समय लगता है। इस स्थिति में छात्रों का रजिस्ट्रेशन और रोल नंबर अधर में लटक जाएगा।
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यदि आईआईटी मंडी स्कूल का अधिग्रहण करता है, तो छात्रों का शैक्षणिक भविष्य खतरे में पड़ सकता है।
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