झारखंड हाई कोर्ट ने बीएसएफसी कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग का लाभ देने का आदेश दिया
झारखंड हाई कोर्ट का फैसला: BSFC कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग का लाभ, सरकार का हस्तक्षेप नहीं
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झारखंड हाई कोर्ट ने बिहार राज्य वित्त निगम (बीएसएफसी) के कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग का लाभ देने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि निगम को अपने कर्मचारियों के वेतन और सेवा शर्तों को तय करने के लिए राज्य सरकार की मंजूरी की आवश्यकता नहीं है।
- 01झारखंड हाई कोर्ट ने बीएसएफसी के कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग का लाभ देने का आदेश दिया।
- 02अदालत ने कहा कि निगम को राज्य सरकार की मंजूरी की आवश्यकता नहीं है।
- 03बीएसएफसी ने 2019 में कर्मचारियों को वेतन संशोधन का निर्णय लिया था।
- 04राज्य सरकार ने वित्तीय घाटे का हवाला देते हुए प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी थी।
- 05अदालत ने निगम की अपील को खारिज कर दिया और कहा कि निगम एक स्वायत्त संस्था है।
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झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की पीठ ने बिहार राज्य वित्त निगम (बीएसएफसी) के कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग का लाभ देने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि निगम अपने कर्मचारियों के वेतन और सेवा शर्तों को तय करने के लिए स्वतंत्र है और इसके लिए राज्य सरकार की मंजूरी आवश्यक नहीं है। बीएसएफसी के निदेशक मंडल ने 28 जून 2019 को निर्णय लिया था कि कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग का लाभ दिया जाएगा, लेकिन राज्य सरकार ने वित्तीय घाटे का हवाला देते हुए इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी थी। कर्मचारियों ने इस निर्णय के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। अदालत ने निगम की अपील को खारिज करते हुए कहा कि निगम ने पहले ही स्वीकार किया था कि उसके पास पर्याप्त संसाधन हैं और वह लाभ में है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार को इस मामले में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है, क्योंकि निगम एक स्वायत्त संस्था है।
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इस निर्णय से बीएसएफसी के कर्मचारियों को आर्थिक लाभ मिलेगा, जिससे उनकी वित्तीय स्थिति में सुधार होगा।
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