INS तारागिरी का भारतीय नौसेना में शामिल होना: ऊर्जा सुरक्षा को मिलेगा बल
नौसेना से बेड़े में शामिल स्वदेशी युद्धपोत INS तारागिरी, राजनाथ सिंह बोले- ऊर्जा सुरक्षा होगी मजबूत, जानें खासियत
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्वदेश निर्मित युद्धपोत INS तारागिरी को भारतीय नौसेना में शामिल किया। यह युद्धपोत 6,670 टन वजनी है और 75% स्वदेशी सामग्री से निर्मित है, जो भारत की समुद्री शक्ति और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगा।
- 01INS तारागिरी को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया है।
- 02यह युद्धपोत 6,670 टन वजनी है और 75% स्वदेशी सामग्री से बना है।
- 03इसकी डिजाइन में रडार पर दिखाई देने वाला आकार कम करने की विशेषता है।
- 04तारागिरी में अत्याधुनिक हथियार प्रणालियाँ और युद्ध प्रबंधन प्रणाली शामिल हैं।
- 05यह युद्धपोत मानवीय सहायता और आपदा राहत कार्यों के लिए भी सक्षम है।
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को विशाखापत्तनम में स्वदेश निर्मित उन्नत युद्धपोत INS तारागिरी को भारतीय नौसेना में शामिल किया। यह युद्धपोत 6,670 टन का है और इसे 75% स्वदेशी सामग्री से बनाया गया है, जो भारत के घरेलू रक्षा तंत्र की परिपक्वता को दर्शाता है। राजनाथ सिंह ने कहा कि एक सक्षम नौसेना हमारी ऊर्जा सुरक्षा के लिए आवश्यक है। INS तारागिरी की विशेषताएँ इसे जटिल समुद्री परिस्थितियों में सुरक्षित रहने में सक्षम बनाती हैं, जबकि इसकी डिजाइन रडार पर दिखाई देने वाले आकार को कम करती है। यह युद्धपोत अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों से लैस है, जिसमें सुपरसोनिक मिसाइलें और पनडुब्बी रोधी युद्ध प्रणाली शामिल हैं। इसके अलावा, इसे मानवीय सहायता और आपदा राहत कार्यों के लिए भी डिजाइन किया गया है। INS तारागिरी का शामिल होना भारतीय नौसेना की आत्मनिर्भरता और समुद्री हितों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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INS तारागिरी का भारतीय नौसेना में शामिल होना देश की समुद्री सुरक्षा को मजबूत करेगा, जिससे ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
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