बिना डिग्री के स्टार्टअप फाउंडर्स का नया ट्रेंड
बिना डिग्री करोड़ों के स्टार्टअप फाउंडर्स! ये है नया ट्रेंड?
Aaj Tak
Image: Aaj Tak
हालिया फोर्ब्स रिपोर्ट के अनुसार, मिलेनियल फाउंडर्स अब पारंपरिक MBA की बजाय 'कॉर्पोरेट इनक्यूबेटर्स' को तरजीह दे रहे हैं। इनक्यूबेटर्स में व्यावहारिक अनुभव और नेटवर्किंग के अवसर मिलते हैं, जिससे युवा सीधे व्यवसाय में उतरकर सीखना चाहते हैं। भारत में भी ऐसे कार्यक्रम तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं।
- 01मिलेनियल फाउंडर्स पारंपरिक MBA की बजाय कॉर्पोरेट इनक्यूबेटर्स को प्राथमिकता दे रहे हैं।
- 02इनक्यूबेटर्स वास्तविक व्यवसायिक अनुभव और नेटवर्किंग के अवसर प्रदान करते हैं।
- 03फाउंडर्स अब खुद का 'प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट' तैयार करने पर जोर दे रहे हैं।
- 04भारत में JioGenNext और Google for Startups जैसे कार्यक्रम तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं।
- 05युवा अब महंगे MBA की बजाय इनक्यूबेटर्स का चयन कर रहे हैं।
Advertisement
In-Article Ad
फोर्ब्स की एक हालिया रिपोर्ट में बताया गया है कि आज के मिलेनियल फाउंडर्स पारंपरिक MBA की डिग्री की बजाय 'कॉर्पोरेट इनक्यूबेटर्स' को तरजीह दे रहे हैं। इसे 'रिटेल का MBA' कहा जा रहा है, जहां छात्रों को किताबों की थ्योरी के बजाय वास्तविक व्यापारिक अनुभव दिया जाता है। इनक्यूबेटर्स में काम करने से फाउंडर्स को सप्लाई चेन, लॉजिस्टिक्स और इन्वेंट्री मैनेजमेंट जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अनुभव मिलता है। इसके अलावा, फाउंडर्स अब शुरुआती दौर में ही वेंचर कैपिटल की बजाय अपने दम पर 'प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट' तैयार करने पर जोर दे रहे हैं, जिससे उन्हें अपनी कंपनी पर अधिक नियंत्रण और स्वतंत्रता मिलती है। भारत में भी JioGenNext, Google for Startups और NASSCOM 10,000 स्टार्टअप्स जैसे कार्यक्रम तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं, जो युवा उद्यमियों को मेंटरशिप और ग्लोबल मार्केट तक पहुंच प्रदान कर रहे हैं।
Advertisement
In-Article Ad
युवाओं के लिए यह बदलाव महंगे MBA के विकल्प के रूप में एक सस्ती और व्यावहारिक शिक्षा का अवसर प्रदान करता है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि इनक्यूबेटर कार्यक्रम MBA से बेहतर हैं?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।


