मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ओबीसी आरक्षण मामले में सुनवाई की तारीख तय की
ओबीसी आरक्षण पर एमपी हाईकोर्ट सख्त, 3 दिन लगातार सुनवाई; जजों की जाति पर सवाल खारिज
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ओबीसी आरक्षण मामले की सुनवाई के लिए 27, 28 और 29 अप्रैल की तारीख निर्धारित की है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सुनवाई को टालने की अनुमति नहीं दी जाएगी, और जजों की जाति पर उठाए गए सवाल को खारिज कर दिया है।
- 01हाईकोर्ट ने ओबीसी आरक्षण मामले पर 27-29 अप्रैल को सुनवाई तय की।
- 02कोर्ट ने सुनवाई को टालने की अनुमति नहीं दी।
- 03जजों की जाति पर सवाल उठाने वाली दलील को खारिज किया गया।
- 04ओबीसी आरक्षण का विवाद 14% से 27% कोटे के बढ़ाने से शुरू हुआ।
- 05कानूनी पेच के चलते नियुक्तियों में 87-13 का फॉर्मूला लागू है।
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मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण का मामला लंबे समय से अदालत में अटका हुआ था, लेकिन अब हाईकोर्ट ने इस पर सुनवाई के लिए 27, 28 और 29 अप्रैल की तारीख तय की है। इस बार कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि किसी भी पक्ष को सुनवाई टालने की इजाजत नहीं दी जाएगी। सुनवाई के दौरान जजों की जाति पर उठाए गए सवाल को कोर्ट ने खारिज कर दिया और कहा कि न्यायपालिका में जज की जाति का कोई महत्व नहीं होता। ओबीसी आरक्षण का विवाद 14% कोटे को बढ़ाकर 27% करने से शुरू हुआ, जिससे कुल आरक्षण 50% की सीमा पार कर 64% हो गया। इस मामले में नियुक्तियों में 87-13 का फॉर्मूला लागू है, जिसमें 87% पदों पर भर्ती हो रही है जबकि 13% को विवाद सुलझने तक रोका गया है।
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इस मामले का निर्णय लाखों ओबीसी लोगों के लिए महत्वपूर्ण होगा, जो सरकारी नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण की उम्मीद कर रहे हैं।
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