दिल्ली हाई कोर्ट ने DPS द्वारका के 25 छात्रों को कक्षा में लौटने की अनुमति दी
फीस विवाद: दिल्ली हाई कोर्ट ने DPS द्वारका के 25 छात्रों को कक्षा में लौटने की दी अनुमति
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दिल्ली हाई कोर्ट ने 25 छात्रों को दिल्ली पब्लिक स्कूल, द्वारका में कक्षा में लौटने की अनुमति दी है, जिन्हें फीस न चुकाने के कारण निकाला गया था। कोर्ट ने कहा कि स्कूल का फैसला तब तक लागू नहीं होगा जब तक अभिभावक 17 अप्रैल तक बकाया फीस का 50 प्रतिशत जमा नहीं करते।
- 01दिल्ली हाई कोर्ट ने 25 छात्रों को कक्षा में लौटने की अनुमति दी।
- 02छात्रों को फीस न चुकाने के कारण निकाला गया था।
- 03अभिभावकों को 17 अप्रैल तक बकाया फीस का 50 प्रतिशत जमा करना होगा।
- 04कोर्ट ने स्कूल के रवैये पर नाराजगी जताई।
- 05अगली सुनवाई 27 अगस्त को होगी।
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दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली पब्लिक स्कूल, द्वारका के 25 छात्रों को कक्षा में लौटने की अनुमति दी, जिन्हें फीस न चुकाने के कारण निकाला गया था। न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने आदेश दिया कि स्कूल का निर्णय तब तक लागू नहीं होगा जब तक कि अभिभावक 17 अप्रैल तक बकाया फीस का 50 प्रतिशत हिस्सा जमा नहीं करते। छात्रों ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन ने हाई कोर्ट के 16 मई 2025 के आदेश का उल्लंघन किया है, जिसमें उन्हें बढ़ी हुई फीस न चुकाने के कारण भेदभाव से सुरक्षा दी गई थी। स्कूल ने कहा कि उसने छात्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, लेकिन छात्रों के जवाब संतोषजनक नहीं थे। कोर्ट ने कहा कि स्कूल को पिछले आदेशों का पालन ईमानदारी से करना चाहिए। इसके अलावा, शिक्षा निदेशालय से भी सवाल किया गया कि उसने स्कूल के संशोधित फीस ढांचे को क्यों मंजूरी नहीं दी। अगली सुनवाई 27 अगस्त को होगी।
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इस निर्णय से छात्रों को अपनी पढ़ाई जारी रखने का अवसर मिलेगा, जिससे उनके शैक्षणिक भविष्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
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