बिहार में परीक्षाओं के रद्द होने के पीछे के कारणों की जानकारी
बिहार में इन परीक्षाओं को क्यों करना पड़ा रद्द? जानें विवाद
Aaj Tak
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बिहार, भारत में विभिन्न सरकारी और शैक्षणिक परीक्षाओं को तकनीकी खामियों, प्रश्नपत्र लीक और प्रशासनिक गड़बड़ियों के कारण रद्द या स्थगित किया गया है। इन घटनाओं ने लाखों अभ्यर्थियों की तैयारी को प्रभावित किया है और परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
- 01बिहार में कई सरकारी और शैक्षणिक परीक्षाएं रद्द या स्थगित की गई हैं।
- 02प्रश्नपत्र लीक और तकनीकी खामियों के कारण परीक्षाओं को रद्द किया गया।
- 03बिहार सिविल कोर्ट चपरासी परीक्षा को बिना कारण बताए रद्द किया गया।
- 04BPSC द्वारा आयोजित असिसटेंट इकोनॉमिक डेवलपमेंट ऑफिसर परीक्षा स्थगित की गई है।
- 05केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा के कुछ केंद्रों पर परीक्षा रद्द की गई, लेकिन री-एग्जाम की तारीख घोषित की गई।
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बिहार, भारत में हाल ही में कई सरकारी और शैक्षणिक परीक्षाओं को रद्द या स्थगित करने के मामले सामने आए हैं। इनमें बिहार सिविल कोर्ट चपरासी परीक्षा शामिल है, जो 15 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली थी, लेकिन बिना किसी स्पष्ट कारण के रद्द कर दी गई। इससे अभ्यर्थियों में चिंता और असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इसके अलावा, बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा आयोजित असिसटेंट इकोनॉमिक डेवलपमेंट ऑफिसर (AEDO) परीक्षा को भी स्थगित किया गया है। BPSC TRE‐3 शिक्षक भर्ती परीक्षा को प्रश्नपत्र लीक के कारण रद्द किया गया, जिससे अभ्यर्थियों को बड़ा झटका लगा। केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) के कुछ केंद्रों पर भी परीक्षा रद्द की गई, लेकिन इनका री-एग्जाम 15 दिनों के भीतर आयोजित करने का आश्वासन दिया गया है। इन घटनाओं ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं।
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इन परीक्षाओं के रद्द होने से लाखों अभ्यर्थियों की तैयारी प्रभावित हुई है, जिससे उनके करियर की योजनाओं पर नकारात्मक असर पड़ा है।
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