मध्य प्रदेश में गिरफ्तारी के लिए अब लिखित सूचना अनिवार्य
MP में अब ‘बताकर’ नहीं होगी गिरफ्तारी, ‘लिखकर’ देना होगा आधार; PHQ ने जारी किए आदेश
Jagran
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मध्य प्रदेश में पुलिस को अब किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी के लिए मौखिक सूचना देने की बजाय लिखित कारण बताना होगा। यह आदेश सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के पालन में जारी किया गया है, जिससे गिरफ्तारी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी।
- 01पुलिस को गिरफ्तारी का कारण लिखित में बताना होगा।
- 02यह आदेश सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार है।
- 03आरोपी को मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने से पहले दो घंटे का समय मिलेगा।
- 04गिरफ्तारी का कारण ऐसी भाषा में होना चाहिए जो समझ में आए।
- 05यह व्यवस्था नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा को मजबूत करेगी।
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मध्य प्रदेश में पुलिस ने गिरफ्तारी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए नया आदेश जारी किया है। अब पुलिस को किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी के लिए मौखिक सूचना देने की बजाय लिखित रूप में ठोस कारण बताना अनिवार्य होगा। यह आदेश पुलिस मुख्यालय की सीआईडी शाखा ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को भेजा है। यह कदम सुप्रीम कोर्ट के 6 नवंबर 2025 के फैसले के तहत उठाया गया है, जिसमें कहा गया था कि संविधान के अनुच्छेद 22(1) के तहत किसी भी व्यक्ति को अपनी गिरफ्तारी के कारण जानने का मौलिक अधिकार है। नई गाइडलाइन के अनुसार, पुलिस को आरोपी को मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने से कम से कम दो घंटे पहले लिखित में गिरफ्तारी का कारण बताना होगा। यदि ऐसा नहीं किया गया, तो गिरफ्तारी को अवैध माना जाएगा। यह निर्णय न केवल पुलिस की जवाबदेही बढ़ाएगा, बल्कि आम नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा को भी मजबूत करेगा।
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इस नए आदेश से पुलिस की कार्रवाई में जवाबदेही बढ़ेगी और नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा मजबूत होगी।
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