प्रधानमंत्री मोदी का महिला आरक्षण बिल पर संबोधन: विपक्ष पर आरोप
LIVE: प्रधानमंत्री मोदी का देश के नाम संबोधन, महिला आरक्षण बिल पर चर्चा
Aaj Tak
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में महिला आरक्षण बिल के गिरने के बाद देश को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने विपक्ष को इसके असफलता का जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के स्वाभिमान पर चोट हुई है और सरकार अब भी इस बिल को पारित कराने के लिए प्रयासरत है।
- 01महिला आरक्षण बिल लोकसभा में गिर गया, जिसके लिए 352 वोट की आवश्यकता थी लेकिन केवल 298 वोट मिले।
- 02पीएम मोदी ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि उन्होंने स्वार्थ के कारण बिल को पारित नहीं होने दिया।
- 03उन्होंने महिलाओं से क्षमा याचना की और कहा कि नारी शक्ति का सम्मान होना चाहिए।
- 04महिला सांसदों ने बिल गिरने के बाद संसद में प्रदर्शन किया।
- 05बीजेपी-एनडीए अब भी बिल को पारित कराने के लिए वैकल्पिक रास्ते तलाश रही है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण बिल के गिरने के बाद आज देश को संबोधित किया। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि उनके स्वार्थ के कारण यह महत्वपूर्ण बिल पारित नहीं हो सका। मोदी ने कहा कि यह नारी शक्ति के स्वाभिमान पर चोट है और उन्होंने सभी माताओं और बहनों से क्षमा मांगी। लोकसभा में इस बिल के लिए 528 वोट पड़े, जिसमें 352 वोट की आवश्यकता थी, लेकिन केवल 298 वोट ही मिले, जिससे यह बिल गिर गया। पीएम मोदी ने कहा कि सरकार ने इस बिल को पारित कराने के लिए पूरी कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। उन्होंने यह भी बताया कि बीजेपी-एनडीए अब भी इस बिल को पारित कराने के लिए अन्य रास्ते तलाश रही है। इस बीच, महिला सांसदों ने संसद में विपक्ष के खिलाफ प्रदर्शन किया।
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महिला आरक्षण बिल का गिरना न केवल महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को प्रभावित करता है, बल्कि यह समाज में महिलाओं के अधिकारों और सम्मान पर भी असर डालता है।
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