हाथरस में जीएसटी चोरी का बड़ा खुलासा: 989 करोड़ रुपये के सिंडीकेट का पर्दाफाश
Hathras News: 989 करोड़ की जीएसटी चोरी के तार हाथरस से भी जुड़े
Amar Ujala
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हाथरस, उत्तर प्रदेश में लोहा के कबाड़ के कारोबार में 989 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी की जांच शुरू हो गई है। राज्य जीएसटी की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने स्थानीय फर्मों की जानकारी जुटाई है, जिससे कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
- 01989 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी से जुड़े मामले में हाथरस के फर्मों की जांच शुरू हुई।
- 02भगवान सिंह उर्फ भूरा प्रधान की गिरफ्तारी के बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा हो रहा है।
- 03स्थानीय कारोबारियों के बीच खलबली मची हुई है।
- 04एसआईटी विभिन्न फर्मों के लेनदेन और दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है।
- 05कासगंज में पहले ही बोगस फर्मों का खुलासा हो चुका है।
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हाथरस, उत्तर प्रदेश में लोहा के कबाड़ के कारोबार में 989 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी के मामले में अब स्थानीय फर्मों की जांच शुरू हो गई है। राज्य जीएसटी की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने हाल ही में गिरफ्तार सरगना भगवान सिंह उर्फ भूरा प्रधान के नेटवर्क का खुलासा करने के लिए कई फर्मों की जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है। इस मामले में स्थानीय कारोबारियों में हड़कंप मच गया है, क्योंकि जिले में संचालित लोहा और पीतल गलाने वाली फैक्टरियों की जांच की जा रही है। एसआईटी ने विभिन्न फर्मों के लेनदेन, बिलिंग और जीएसटी रजिस्ट्रेशन से जुड़े दस्तावेजों की ऑनलाइन गहन पड़ताल की है। बताया जा रहा है कि कासगंज में पहले ही इस सिंडीकेट से जुड़ी बोगस फर्मों का खुलासा हो चुका है। जांच के आगे बढ़ने के साथ ही हाथरस की कुछ फर्मों की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। राज्य कर विभाग के उपायुक्त आरके सिंह ने बताया कि मामले की उच्च स्तरीय गोपनीय जांच की जा रही है।
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इस जांच से स्थानीय कारोबारियों पर दबाव बढ़ सकता है और वे अपनी लेनदेन की प्रक्रिया को पुनः जांच सकते हैं।
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