भारत और रूस के बीच ऐतिहासिक सैन्य समझौता: साझा सैन्य ठिकाने और सहयोग
भारत और रूस अब साझा करेंगे आर्मी बेस, बंदरगाह और एयरबेस, जानें- क्या हुआ समझौता
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भारत और रूस ने एक महत्वपूर्ण सैन्य समझौता RELOS किया है, जिसके तहत दोनों देश एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों, बंदरगाहों और एयरबेस का साझा उपयोग करेंगे। यह समझौता भारत को आर्कटिक क्षेत्र तक पहुंच प्रदान करेगा और दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करेगा।
- 01भारत और रूस ने RELOS समझौता किया है, जो लॉजिस्टिक सपोर्ट का आदान-प्रदान करता है।
- 02समझौते के तहत, दोनों देश एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों का उपयोग कर सकेंगे।
- 03इसमें 5 युद्धपोत और 3000 सैनिकों की तैनाती की सुविधा है।
- 04समझौता भारत को आर्कटिक क्षेत्र तक पहुंच प्रदान करेगा।
- 05यह समझौता युद्ध और शांति दोनों समय में लागू रहेगा।
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भारत और रूस ने एक ऐतिहासिक सैन्य समझौता RELOS किया है, जो लॉजिस्टिक सपोर्ट के आदान-प्रदान की सुविधा प्रदान करता है। इस समझौते के तहत, दोनों देश एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों, बंदरगाहों और एयरबेस का साझा उपयोग कर सकेंगे। समझौते में 5 युद्धपोत और 3000 सैनिकों की तैनाती की अनुमति है, जिससे दोनों देशों की सेनाओं के बीच सहयोग और बेहतर होगा। यह समझौता भारत को आर्कटिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहुंच प्रदान करेगा, जिससे उसकी रणनीतिक ताकत बढ़ेगी। रूस को भी हिंद महासागर क्षेत्र में सहायता मिलेगी, जिससे उसकी नौसेना को भारतीय क्षेत्र में समर्थन मिलेगा। यह समझौता युद्ध और शांति दोनों समय में लागू रहेगा, जिससे दोनों देशों की सेनाएं लंबी दूरी तक मिशन कर सकेंगी।
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यह समझौता भारत की सैन्य क्षमताओं को मजबूत करेगा और आर्कटिक क्षेत्र में उसकी उपस्थिति को बढ़ाएगा।
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