गर्दन पर वसा और कालापन: लिवर स्वास्थ्य की जांच जरूरी, डॉ. ममगाईं की सलाह
गर्दन पर वसा का जमाव और कालापन है तो लिवर की जांच कराएं : डॉ. ममगाईं
Amar Ujala
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कुरुक्षेत्र, हरियाणा में विश्व जिगर दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में डॉ. शैलेंद्र ममगाईं ने लिवर की बीमारियों के बढ़ते खतरे के बारे में चेतावनी दी। उन्होंने बताया कि मोटापे और अस्वस्थ जीवनशैली के कारण 2050 तक प्रभावित लोगों की संख्या 180 करोड़ तक पहुँच सकती है।
- 01लिवर की बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है, विशेषकर मोटापे के कारण।
- 022023 में लगभग 130 करोड़ लोग मेटाबॉलिक डिसफंक्शन-एसोसिएटेड स्टीयोटिक लीवर डिजीज (एमएएसएलडी) से पीड़ित हैं।
- 03उत्तरी अफ्रीका और मध्य पूर्व में एमएसएलडी की दर अधिक है।
- 04बचाव के लिए स्वस्थ खान-पान और जीवनशैली अपनाना आवश्यक है।
- 05लिवर की जांच कराने की सलाह दी गई है यदि गर्दन पर वसा और कालापन है।
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कुरुक्षेत्र, हरियाणा में लोकनायक जयप्रकाश जिला नागरिक अस्पताल में विश्व जिगर दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में डॉ. शैलेंद्र ममगाईं ने बताया कि दुनियाभर में लिवर की बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है, खासकर मोटापे और अस्वस्थ जीवनशैली के कारण। उन्होंने बताया कि 2023 में लगभग 130 करोड़ लोग मेटाबॉलिक डिसफंक्शन-एसोसिएटेड स्टीयोटिक लीवर डिजीज (एमएएसएलडी) से प्रभावित थे, जो कि 1990 में 50 करोड़ थे। इस बीमारी का मुख्य कारण शरीर के मेटाबॉलिज्म में गड़बड़ी है, जो मोटापा और डायबिटीज से जुड़ी है। डॉ. ममगाईं ने बताया कि बचाव के लिए स्वस्थ खान-पान और नियमित व्यायाम आवश्यक है। यदि किसी व्यक्ति की गर्दन पर वसा का जमाव और कालापन है, तो उसे लिवर की जांच कराने की सलाह दी गई है।
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लिवर की बीमारियों की बढ़ती संख्या से स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ सकता है और लोगों को अपने खान-पान और जीवनशैली में बदलाव लाने की आवश्यकता होगी।
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