गेहूं के उठान में देरी से मंडी में बढ़ी समस्या, किसानों की चिंताएं बढ़ीं
Kurukshetra News: उठान धीमा होने से मंडी में लगे गेहूं के अंबार, किसानों और आढ़तियों को परेशानी
Amar Ujala
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इस्माईलाबाद की अनाज मंडी में गेहूं का उठान धीमी गति से हो रहा है, जिससे किसानों और आढ़तियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंडी में 6.5 लाख क्विंटल गेहूं की आवक हुई है, लेकिन केवल 1 लाख क्विंटल का उठान हुआ है, जिससे 11 लाख क्विंटल गेहूं अभी भी मंडी में पड़ा है।
- 01अनाज मंडी में गेहूं का उठान धीमी गति से हो रहा है।
- 02किसानों और आढ़तियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
- 03सरकारी एजेंसियों ने 5.7 लाख क्विंटल गेहूं की खरीद की है।
- 04अभी भी 11 लाख क्विंटल गेहूं मंडी में पड़ा है।
- 05किसान ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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इस्माईलाबाद की अनाज मंडी में गेहूं का उठान बेहद धीमी गति से हो रहा है, जिससे किसानों और आढ़तियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। मंडी में अब तक 6.5 लाख क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी है, जिसमें से सरकारी एजेंसियों ने करीब 5.7 लाख क्विंटल गेहूं की खरीद की है। हालांकि, केवल 1 लाख क्विंटल गेहूं का ही उठान हुआ है, जिससे मंडी में 11 लाख क्विंटल गेहूं अभी भी पड़ा है। किसानों का कहना है कि ठेकेदारों पर नाममात्र का जुर्माना लगाना पर्याप्त नहीं है और सरकार को उठान ठेकेदारों की जांच के बाद जिम्मेदारी देनी चाहिए। यदि ठेकेदार सही ढंग से उठान नहीं करते हैं, तो उन्हें किसानों को होने वाले नुकसान का मुआवजा देना चाहिए।
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इस स्थिति के कारण किसानों को अपनी फसल के भुगतान में देरी हो रही है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
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