DGCA अधिकारी और कॉर्पोरेट वाइस प्रेसिडेंट रिश्वत लेते गिरफ्तार
एविएशन सेक्टर में भ्रष्टाचार पर वार, DGCA अधिकारी समेत 2 गिरफ्तार
Aaj Tak
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केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के एक अधिकारी और एक कॉर्पोरेट ग्रुप के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट को ड्रोन इम्पोर्ट की अनुमति के लिए 2.5 लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। छापेमारी में 37 लाख रुपये नकद और अन्य सामान बरामद किए गए।
- 01DGCA के डिप्टी डायरेक्टर जनरल मुदावत देवुला और कॉर्पोरेट वाइस प्रेसिडेंट भरत माथुर को गिरफ्तार किया गया।
- 02रिश्वत की राशि 2.5 लाख रुपये थी, जो ड्रोन इम्पोर्ट की अनुमति के लिए मांगी गई थी।
- 03CBI ने ट्रैप ऑपरेशन के दौरान दोनों को रंगे हाथ पकड़ा।
- 04छापेमारी में 37 लाख रुपये नकद और कई डिजिटल डिवाइस बरामद हुए।
- 05यह मामला भारत की तेजी से बढ़ती ड्रोन इंडस्ट्री में भ्रष्टाचार का संकेत देता है।
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केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने शनिवार को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के एक बड़े अधिकारी मुदावत देवुला और एक कॉर्पोरेट ग्रुप के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट भरत माथुर को ड्रोन इम्पोर्ट की अनुमति के लिए 2.5 लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। CBI ने एक ट्रैप ऑपरेशन चलाकर दोनों को रंगे हाथ पकड़ा और पूरी राशि मौके पर जब्त कर ली। छापेमारी के दौरान 37 लाख रुपये नकद, सोने-चांदी के सिक्के और कई डिजिटल डिवाइस जैसे मोबाइल और लैपटॉप भी बरामद किए गए। यह मामला भारत की तेजी से बढ़ती ड्रोन इंडस्ट्री में भ्रष्टाचार की गंभीरता को उजागर करता है, जहां सरकारी अधिकारी के पास इस उद्योग की मंजूरी देने की शक्ति थी।
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इस मामले से ड्रोन इंडस्ट्री में भ्रष्टाचार की समस्या उजागर होती है, जो संभावित रूप से निवेश और विकास को प्रभावित कर सकती है।
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