यूपी में स्मार्ट मीटर बदलने पर रोक, जांच समिति गठित
यूपी में पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटर से बदलने पर लगी रोक, CM योगी के निर्देश पर बनाई गई जांच कमेटी
Jagran
Image: Jagran
उत्तर प्रदेश में पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटर से बदलने पर रोक लगा दी गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एक चार सदस्यीय समिति स्मार्ट मीटर की तकनीकी गुणवत्ता की जांच करेगी। समिति को 10 दिन में रिपोर्ट देनी है और तब तक मीटर बदलने का कार्य स्थगित रहेगा।
- 01स्मार्ट मीटर बदलने पर रोक लगाई गई है।
- 02चार सदस्यीय समिति स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता की जांच करेगी।
- 03समिति को 10 दिन में रिपोर्ट देनी है।
- 04योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यह निर्णय लिया गया।
- 05राज्य में लगभग 85 लाख स्मार्ट मीटर पहले से लगाए जा चुके हैं।
Advertisement
In-Article Ad
उत्तर प्रदेश में पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटर से बदलने पर रोक लगा दी गई है। यह निर्णय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर लिया गया है, जिसके तहत चार सदस्यीय तकनीकी समिति का गठन किया गया है। इस समिति में आईआईटी कानपुर के दो प्रोफेसर, वड़ोदरा के इलेक्ट्रिकल रिसर्च एवं डवलपमेंट एसोसिएशन के अनुभाग प्रमुख और पावर कॉरपोरेशन के निदेशक शामिल हैं। समिति को स्मार्ट मीटरों की तकनीकी गुणवत्ता की जांच करनी है और 12 अप्रैल को गठित इस समिति को 10 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। जब तक यह रिपोर्ट नहीं आती, तब तक स्मार्ट मीटरों को बदलने का कार्य स्थगित रहेगा। वर्तमान में राज्य में लगभग 85 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, और मीटर की गुणवत्ता एवं कनेक्टिविटी से संबंधित शिकायतों के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है।
Advertisement
In-Article Ad
यह निर्णय उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटरों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में मदद करेगा।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता की जांच आवश्यक है?
Connecting to poll...
More about पावर कॉरपोरेशन
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।



-1776554795215.webp&w=1200&q=75)
