समाज में समरसता और स्वदेशी का भाव जगाने की जरूरत: आरएसएस
Agra News: समाज में समरसता और स्वदेशी का भाव जगाना जरूरी
Amar Ujala
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आगरा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने एक जन गोष्ठी का आयोजन किया, जिसमें समाज में समरसता और स्वदेशी जीवन शैली को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। मुख्य वक्ता राजकुमार ने संघ के शताब्दी वर्ष में पंच परिवर्तन के लक्ष्य की चर्चा की, जिसमें पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्य भी शामिल हैं।
- 01समाज में समरसता और स्वदेशी का भाव जगाना आवश्यक है।
- 02संघ के शताब्दी वर्ष में पंच परिवर्तन का लक्ष्य रखा गया है।
- 03पंच परिवर्तन में सामाजिक समरसता, स्वदेशी जीवन शैली, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्य शामिल हैं।
- 04आरएसएस का संपर्क दुनिया के 85 देशों में है।
- 05कार्यक्रम में कई प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं।
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आगरा के शास्त्रीपुरम स्थित एक स्कूल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) द्वारा एक प्रमुख जन गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता ब्रज प्रांत के प्रांत कार्यवाह राजकुमार ने संघ संस्थापक डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार के जीवन पर प्रकाश डालते हुए समाज में समरसता और स्वदेशी के भाव को जगाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि संघ के शताब्दी वर्ष में पंच परिवर्तन का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें सामाजिक समरसता, स्वदेशी जीवन शैली, कुटुंब प्रबोधन (परिवार व्यवस्था), पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्य शामिल हैं। राजकुमार ने कहा कि संघ का संपर्क दुनिया के 85 देशों में है, जो इसकी वैश्विक उपस्थिति को दर्शाता है। कार्यक्रम का संचालन चंद्रशेखर ने किया और अध्यक्षता एआरटीओ आलोक अग्रवाल ने की। इस दौरान स्कूल के निदेशक प्रद्युम्न चतुर्वेदी सहित कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
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यह कार्यक्रम समाज में समरसता और स्वदेशी जीवन शैली को बढ़ावा देकर स्थानीय समुदाय को एकजुट करने का प्रयास है।
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