झारखंड में निजी अस्पतालों के लिए डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड अनिवार्य
झारखंड के निजी अस्पतालों के लिए भी डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड अनिवार्य, आयुष्मान भारत से जुड़ने के लिए HMIS जरूरी
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झारखंड में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत निजी अस्पतालों को हेल्थ मैनेजमेंट इनफार्मेशन सिस्टम से जुड़ना अनिवार्य किया गया है। इससे अस्पतालों के सभी रिकॉर्ड ऑनलाइन होंगे, जिससे निगरानी और सेवा की गुणवत्ता में सुधार होगा।
- 01आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत निजी अस्पतालों को एचएमआईएस से जुड़ना अनिवार्य किया गया है।
- 02सभी स्वास्थ्य रिकॉर्ड डिजिटल रूप में उपलब्ध होंगे, जिससे उपचार में सुधार होगा।
- 03झारखंड में 24 जिलों में टेली-आईसीयू सेवाएं जल्दी ही विस्तारित की जाएंगी।
- 04बीएसएनएल और सीडैक के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
- 05ई सुश्रुत मोबाइल ऐप और स्वास्थ्य सेतु ऐप लॉन्च किए गए हैं।
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झारखंड में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के तहत हेल्थ मैनेजमेंट इनफार्मेशन सिस्टम (एचएमआईएस) से निजी अस्पतालों को भी जुड़ना अनिवार्य कर दिया गया है। यह निर्णय बुधवार को रांची में आयोजित कार्यशाला के दौरान लिया गया। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने बताया कि इससे सभी अस्पतालों के रिकॉर्ड ऑनलाइन होंगे, जिससे निगरानी और सेवा की गुणवत्ता में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में एचएमआईएस का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन हो चुका है। कार्यशाला में राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के CEO डॉ. सुनील कुमार वर्णवाल ने कहा कि सटीक निदान के लिए मरीज का पूरा स्वास्थ्य रिकॉर्ड डिजिटल होना आवश्यक है। इस मौके पर बीएसएनएल और सीडैक के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए और ई सुश्रुत मोबाइल ऐप, स्वास्थ्य सेतु ऐप की लॉन्चिंग की गई। पिछले दो वर्षों में एबीडीएम के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले संस्थानों और व्यक्तियों को सम्मानित भी किया गया।
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इस पहल से झारखंड के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी और अस्पतालों की निगरानी में सुधार होगा।
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