प्रिया कुशवाह का क्रोशिया कौशल, 30 महिलाओं के जीवन में लाया बदलाव
Agra News: प्रिया के क्रोशिया का कमाल, तीस महिलाओं के जीवन में आया उछाल
Amar Ujala
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प्रिया कुशवाह, आगरा के ताजगंज क्षेत्र की निवासी, ने अपनी क्रोशिया कला के माध्यम से 30 से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है। उन्होंने शेरावाली माता स्वयं सहायता समूह की स्थापना की, जिससे महिलाएं घर पर शानदार उत्पाद बना रही हैं और आर्थिक स्वतंत्रता प्राप्त कर रही हैं।
- 01प्रिया कुशवाह ने 30 से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया।
- 02महिलाएं घर बैठे क्रोशिया कला से उत्पाद बना रही हैं।
- 03समूह के सदस्यों की मासिक आय 8,000 से 25,000 रुपये तक है।
- 04योगी सरकार ग्रामीण महिलाओं को लखपति बनाने का प्रयास कर रही है।
- 05प्रिया का समूह पीएम मोदी के विजन का उदाहरण है।
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आगरा के ताजगंज इलाके की प्रिया कुशवाह ने अपनी इच्छाशक्ति और क्रोशिया कला के माध्यम से न केवल अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है, बल्कि शेरावाली माता स्वयं सहायता समूह के जरिए 30 से अधिक महिलाओं के जीवन में भी बदलाव लाया है। प्रिया ने इस समूह की स्थापना की, जिसका उद्देश्य घरेलू महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता दिलाना है। उन्होंने महिलाओं को क्रोशिया कला का प्रशिक्षण दिया, जिससे वे घर पर ही शानदार उत्पाद जैसे फ्लावर स्टिक, ठाकुरजी की पोशाक, हैंड पर्स, की-चेन और थालपोस बना रही हैं। इन उत्पादों की मांग आगरा के साथ-साथ अन्य शहरों में भी बढ़ रही है। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के उपायुक्त स्वरोजगार, राजन राय ने बताया कि योगी सरकार का लक्ष्य ग्रामीण महिलाओं को लखपति दीदी बनाना है। प्रिया स्वयं 20 से 25 हजार रुपये मासिक कमा रही हैं, जबकि समूह की अन्य सदस्य भी 8 से 10 हजार रुपये प्रति माह आय अर्जित कर रही हैं।
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प्रिया कुशवाह का प्रयास आगरा की महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता प्रदान कर रहा है, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है।
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