महिला आरक्षण बिल के असफल होने पर सरकार का आगे का प्लान
नारी शक्ति बिल पर हार के बाद बाकी दो बिल पर क्यों नहीं हुई वोटिंग? सरकार ने बताया आगे का प्लान
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
भारत की लोकसभा में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन बिल को पारित नहीं किया गया, जिसके कारण 'परिसीमन विधेयक, 2026' और 'संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026' को भी आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के समर्थन की कमी को इसका कारण बताया।
- 01महिलाओं के लिए 33% आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन बिल लोकसभा में गिरा।
- 02केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि अन्य दो विधेयक अब आगे नहीं बढ़ेंगे।
- 03प्रियंका गांधी वाड्रा ने बिल के गिरने पर लोकतंत्र और देश की अखंडता की बात की।
- 04बिल को पारित करने के लिए दो तिहाई बहुमत की आवश्यकता थी।
- 05सरकार ने महिलाओं को सम्मान देने के अभियान को जारी रखने का आश्वासन दिया।
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भारत की लोकसभा में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन बिल, जिसे 'संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026' कहा जाता है, को पारित करने में असफल रहा। इस बिल को पारित करने के लिए दो तिहाई बहुमत की आवश्यकता थी, लेकिन सदन में इसके पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े। इसके गिरने के बाद, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट किया कि इससे संबंधित अन्य दो विधेयक, 'परिसीमन विधेयक, 2026' और 'संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026', को भी आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। उन्होंने विपक्ष के समर्थन की कमी को इसका कारण बताया। प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस असफलता पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह केवल महिला आरक्षण का मामला नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र और देश की अखंडता का मामला है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पुरानी जनगणना के आधार पर आरक्षण को जोड़ना असंभव था। हालांकि, सरकार ने महिलाओं को सम्मान देने के अपने अभियान को जारी रखने का आश्वासन दिया।
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महिलाओं के आरक्षण से संबंधित बिल के असफल होने से संसद में महिलाओं के अधिकारों को बढ़ावा देने की योजनाएं प्रभावित होंगी।
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