हिमाचल प्रदेश में ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क से तीर्थन और सैंज क्षेत्र अलग
हिमाचल: ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क से अलग होंगे तीर्थन और सैंज, अधिसूचना जारी
Amar Ujala
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हिमाचल प्रदेश में, राज्यपाल ने 2010 की अधिसूचना को रद्द करते हुए तीर्थन और सैंज क्षेत्रों को स्वतंत्र वन्यजीव अभयारण्य घोषित किया है। इस निर्णय से स्थानीय पारिस्थितिकी संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और वन्यजीव संरक्षण में सुधार होगा।
- 01तीर्थन और सैंज क्षेत्र अब स्वतंत्र वन्यजीव अभयारण्य हैं।
- 02स्थानीय पारिस्थितिकी संरक्षण को बल मिलेगा।
- 03वन विभाग अलग-अलग प्रबंधन योजनाएं तैयार करेगा।
- 04अधिक अधिकारियों को वन्यजीव अपराधों की जांच का अधिकार मिला।
- 05जांच प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए निर्णय लिया गया।
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हिमाचल प्रदेश में, राज्यपाल ने राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की सिफारिश को स्वीकार करते हुए 2010 की अधिसूचना को रद्द कर दिया और 1999 की मूल अधिसूचना को पुनर्स्थापित किया। इसके तहत, तीर्थन और सैंज क्षेत्रों को स्वतंत्र वन्यजीव अभयारण्य घोषित किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस निर्णय से स्थानीय पारिस्थितिकी संरक्षण को मजबूती मिलेगी और जैव विविधता के अनुसार प्रबंधन आसान होगा। वन विभाग अब इन अभयारण्यों के लिए अलग-अलग प्रबंधन योजनाएं बनाएगा, जिससे वन्यजीव संरक्षण, पर्यटन और स्थानीय हितों के बीच संतुलन बना रहेगा। इसके अलावा, प्रदेश सरकार ने सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) और उससे ऊपर के अधिकारियों को वन्यजीव अपराधों की जांच का अधिकार दे दिया है, जिससे जांच प्रक्रिया में तेजी आएगी और वन्यजीव अपराधों पर अंकुश लगाया जा सकेगा।
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इस निर्णय से स्थानीय समुदायों को वन्यजीव संरक्षण में बेहतर समन्वय और लचीलापन मिलेगा, जिससे उनकी जीवनशैली पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
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