आंध्र प्रदेश ने मध्य प्रदेश से बाघों की मांग की, उप-मुख्यमंत्री ने भेजा पत्र
MP के बाघों की दक्षिण में बढ़ी डिमांड, अब आंध्र ने मांगे बाघ, उप-मुख्यमंत्री पवन कल्याण ने लिखा पत्र
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मध्य प्रदेश, जिसे 'टाइगर स्टेट' कहा जाता है, अब बाघों की आपूर्ति करने वाला प्रमुख राज्य बन गया है। आंध्र प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री पवन कल्याण ने बाघों और गौर की मांग के लिए मध्य प्रदेश सरकार को पत्र लिखा है। यह कदम अन्य राज्यों के लिए भी महत्वपूर्ण है जो बाघों की संख्या बढ़ाना चाहते हैं।
- 01आंध्र प्रदेश ने मध्य प्रदेश से बाघों की मांग की है।
- 02उप-मुख्यमंत्री पवन कल्याण ने औपचारिक पत्र भेजा।
- 03बाघों का स्थानांतरण एनटीसीए की अनुमति पर निर्भर करेगा।
- 04मध्य प्रदेश में 785 बाघ हैं, जो देश में सबसे अधिक हैं।
- 05तेलंगाना और झारखंड ने भी बाघों की मांग की है।
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मध्य प्रदेश, जिसे 'टाइगर स्टेट' कहा जाता है, अब बाघों की आपूर्ति करने वाला प्रमुख राज्य बन गया है। आंध्र प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री पवन कल्याण ने मध्य प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर पापीकोंडा नेशनल पार्क के लिए बाघों और गौर (बाइसन) की मांग की है। मध्य प्रदेश सरकार ने पहले ही गुजरात और राजस्थान को बाघ उपलब्ध कराए हैं। बाघों के स्थानांतरण के लिए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की अनुमति आवश्यक होगी, जिसमें संबंधित क्षेत्रों का निरीक्षण किया जाएगा। आंध्र प्रदेश ने मध्य प्रदेश के वन विभाग से उपयुक्त स्थान चिन्हित करने के लिए दौरा करने का आग्रह किया है। 2022 में की गई बाघों की गणना के अनुसार, मध्य प्रदेश में 785 बाघ हैं, जो देश में सबसे अधिक हैं। तेलंगाना और झारखंड ने भी बाघों की मांग की है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि अन्य राज्य अपने वन्यजीव अभ्यारण्यों को मजबूत करने के लिए मध्य प्रदेश की ओर देख रहे हैं।
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यह कदम आंध्र प्रदेश और अन्य राज्यों के वन्यजीव संरक्षण प्रयासों को मजबूत करेगा।
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