भारत में महिला आरक्षण बिल: संसद में बढ़ेगी महिलाओं की भागीदारी
कमाल है, इस छोटे से गरीब मुल्क की संसद में करीब 64 फीसदी महिलाएं; देखिए बाकी देशों का हाल
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भारतीय संसद में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए महिला आरक्षण संशोधन बिल पर चर्चा हो रही है। प्रस्तावित बिल के तहत लोकसभा की सीटों को बढ़ाकर 815 किया जाएगा, जिसमें 272 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। हालांकि, यह संख्या वैश्विक स्तर पर कई देशों की तुलना में कम है।
- 01महिला आरक्षण बिल में लोकसभा की 272 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
- 02भारत की संसद में महिलाओं की भागीदारी एक तिहाई होगी।
- 03रवांडा में संसद में महिलाओं की भागीदारी 63.8% है, जो सबसे अधिक है।
- 04क्यूबा और निकारागुआ जैसे देशों में भी महिलाओं की भागीदारी 50% से अधिक है।
- 05भारत में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की लंबे समय से मांग हो रही है।
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भारतीय संसद में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने के लिए महिला आरक्षण संशोधन बिल पर चर्चा चल रही है। इस प्रस्ताव के तहत लोकसभा की सीटों की संख्या बढ़ाकर 815 करने का सुझाव दिया गया है, जिसमें से 272 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। इससे भारत की संसद में महिलाओं की भागीदारी 33% तक पहुंच जाएगी। हालांकि, यह संख्या कई देशों की तुलना में कम है, जैसे कि रवांडा, जहां महिलाओं की भागीदारी 63.8% है। इसके अलावा, क्यूबा में यह आंकड़ा 55.7% और निकारागुआ में 51.7% है। भारत में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है, और अब सरकार इस दिशा में कदम उठा रही है।
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महिला आरक्षण बिल के पारित होने से भारतीय संसद में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, जो समाज में लैंगिक समानता को बढ़ावा देगी।
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