इडली-डोसा के बैटर में पान का पत्ता डालने के फायदे
इडली-डोसा के बैटर में क्यों डालते हैं पान का पत्ता? जानें वजह
Aaj Tak
Image: Aaj Tak
गर्मियों में इडली और डोसा के बैटर में पान का पत्ता डालने से फर्मेंटेशन की प्रक्रिया संतुलित होती है। पान के पत्ते में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो बैटर को लंबे समय तक सही बनाए रखते हैं और इडली को हल्का और स्पंजी बनाते हैं।
- 01पान का पत्ता बैटर के फर्मेंटेशन को संतुलित करता है।
- 02यह बैटर को जल्दी खट्टा होने से रोकता है।
- 03इडली और डोसा की खुशबू में ताजगी लाता है।
- 04पान के पत्ते से इडली का टेक्सचर फूला हुआ और स्पंजी होता है।
- 05यह एक पारंपरिक उपाय है, खासकर गर्मियों में।
Advertisement
In-Article Ad
गर्मियों में हल्का खाना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है। साउथ इंडियन फूड, जैसे इडली और डोसा, इस मौसम में लोकप्रिय होते हैं। हाल ही में, बैटर में पान का पत्ता डालने की प्रथा सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी है। पान के पत्ते में प्राकृतिक एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण होते हैं, जो बैटर के फर्मेंटेशन को संतुलित करने में मदद करते हैं। इससे बैटर जल्दी खट्टा नहीं होता और यह लंबे समय तक सही रहता है। कुछ लोग मानते हैं कि पान का पत्ता डालने से बैटर की खुशबू में हल्की ताजगी आती है, हालांकि इसका स्वाद बहुत ज्यादा नहीं बदलता। पान के पत्ते के एंजाइम्स बैटर को स्मूद बनाते हैं, जिससे डोसा क्रिस्पी और गोल्डन ब्राउन बनता है। इसे बैटर में डालने का सही समय तब होता है जब आप इसे फर्मेंट होने के लिए रखते हैं। ताजा पान का पत्ता डालकर बैटर को तैयार करने के बाद पत्ते को निकाल देना चाहिए। यह पारंपरिक आदत कई दक्षिण भारतीय घरों में पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही है।
Advertisement
In-Article Ad
गर्मियों में पान का पत्ता डालने से इडली और डोसा के बैटर की गुणवत्ता में सुधार होता है, जिससे लोगों को बेहतर स्वाद और स्वास्थ्य लाभ मिलता है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आप इडली-डोसा के बैटर में पान का पत्ता डालने का प्रयास करेंगे?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।


