भारत ने ईरान से तेल खरीद के लिए युआन में किया भुगतान, अमेरिकी डॉलर को छोड़ा
ईरान से तेल खरीद पर भारत का 'बड़ा खेल', अमेरिकी डॉलर को छोड़ चीन की करेंसी युआन में किया पेमेंट
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
भारतीय रिफाइनर कंपनियों ने ईरान से खरीदे गए तेल का भुगतान चीनी मुद्रा युआन में किया है। यह कदम अमेरिकी प्रतिबंधों में अस्थायी छूट के दौरान उठाया गया है, जिससे भारत की ऊर्जा खरीद में नई दिशा देखने को मिल सकती है।
- 01भारतीय रिफाइनर कंपनियों ने ईरान से तेल का भुगतान युआन में किया।
- 02यह पहली बार है जब भारत ने सात साल में ईरानी तेल खरीदा।
- 03ICICI बैंक ने शंघाई शाखा के माध्यम से युआन में भुगतान किया।
- 04अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण डॉलर में भुगतान करना मुश्किल था।
- 05भारत ने प्रतिबंधित देशों से ऊर्जा खरीद के लिए नए विकल्प तलाशने की दिशा में कदम बढ़ाया।
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भारतीय रिफाइनर कंपनियों ने ईरान से खरीदे गए तेल का भुगतान चीनी मुद्रा युआन में किया है, जो कि पिछले सात वर्षों में भारत की पहली ईरानी तेल खरीद है। इस महीने की शुरुआत में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने 20 लाख बैरल ईरानी कच्चा तेल खरीदा, जिसका सौदा लगभग 20 करोड़ डॉलर (करीब 1857 करोड़ रुपये) का था। यह भुगतान ICICI बैंक के माध्यम से किया गया, जिसने अपनी शंघाई शाखा से युआन में रकम विक्रेताओं के खातों में भेजी। अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण डॉलर में भुगतान करना कठिन हो गया था, और हाल ही में अमेरिका-इजरायल युद्ध के चलते तेल की बढ़ती कीमतों को देखते हुए 30 दिनों की अस्थायी छूट दी गई थी। इस छूट का लाभ उठाते हुए भारतीय कंपनियों ने युआन को भुगतान का माध्यम चुना। हालांकि, IOC ने ईरान से आगे और तेल खरीदने की योजना नहीं बनाई है। यह कदम भारत के लिए संकेत है कि वह प्रतिबंधित देशों से ऊर्जा खरीद के लिए डॉलर के विकल्प तलाश रहा है।
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इस कदम से भारत को ऊर्जा खरीद में अधिक लचीलापन मिलेगा और यह भविष्य में अंतरराष्ट्रीय तेल व्यापार में नई भुगतान व्यवस्थाओं का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।
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