राजस्थान हाईकोर्ट का फैसला: बहू को मिलेगी अनुकंपा नौकरी का अधिकार
ससुर की मौत के बाद क्या बहू को मिल सकती है नौकरी? जानिए क्या है अनुकंपा नौकरी का नियम, कौन कर सकता है Apply
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राजस्थान हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में बहू को अनुकंपा नियुक्ति के लिए बेटी के समान अधिकार देने का फैसला किया है। इस फैसले से परिवार की जिम्मेदारी निभाने वाली बहू को भी नौकरी पाने का अवसर मिलेगा, जिससे आर्थिक संकट में मदद मिलेगी।
- 01राजस्थान हाईकोर्ट ने बहू को अनुकंपा नौकरी का अधिकार दिया है।
- 02अब बहू भी परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए आवेदन कर सकती है।
- 03अनुकंपा नियुक्ति का उद्देश्य परिवार को आर्थिक संकट से उबारना है।
- 04आवेदन करने की समय सीमा कर्मचारी की मृत्यु के 1 से 5 साल के भीतर होती है।
- 05इस नौकरी में आमतौर पर ग्रुप C या D के पद दिए जाते हैं।
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राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है, जिसमें बहू को अनुकंपा नियुक्ति के लिए बेटी के समान अधिकार देने की बात कही गई है। यह निर्णय उन परिवारों के लिए राहत का स्रोत बनेगा, जहां बहू घर की जिम्मेदारी संभालती है। अनुकंपा नियुक्ति का उद्देश्य उन परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है, जिनके सदस्यों की नौकरी के दौरान अचानक मृत्यु हो जाती है। इस फैसले के बाद, पति/पत्नी, बेटा, अविवाहित बेटी और दत्तक संतान के साथ-साथ अब बहू भी इस नियुक्ति के लिए पात्र हो गई हैं। हालांकि, आवेदन करते समय परिवार की आर्थिक स्थिति और संपत्ति का ध्यान रखा जाता है। आवेदन करने की समय सीमा आमतौर पर कर्मचारी की मृत्यु के 1 से 5 साल के भीतर होती है। इस निर्णय के पीछे एक संघर्षशील परिवार की कहानी है, जिसमें सुंदरी देवी ने अपने ससुर की मृत्यु के बाद अनुकंपा नौकरी के लिए आवेदन किया था। जस्टिस रवि चिरानियां की पीठ ने इस मामले में सुनवाई की और विभाग की दलीलों को खारिज करते हुए बहू को नौकरी देने का आदेश दिया। यह फैसला समाज की बदलती सोच को दर्शाता है और परिवारों को आर्थिक संकट से उबारने में मदद करेगा।
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इस फैसले से उन परिवारों को आर्थिक सहायता मिलेगी, जहां बहू घर की जिम्मेदारी संभालती है।
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