हिमाचल हाईकोर्ट ने शेरजंग नेशनल पार्क के ईको सेंसिटिव जोन की अधिसूचना रद्द की
Himachal: शेरजंग नेशनल पार्क के चारों ओर ईको सेंसिटिव जोन की अधिसूचना हाईकोर्ट ने की रद्द
Amar Ujala
Image: Amar Ujala
हिमाचल प्रदेश में शेरजंग नेशनल पार्क के चारों ओर घोषित ईको सेंसिटिव जोन की अधिसूचना को हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है, क्योंकि इसे घोषित करने में नियमों का पालन नहीं किया गया। अदालत ने कहा कि सरकार को नए सिरे से कानूनी प्रक्रिया और स्थानीय हितधारकों से परामर्श करना होगा।
- 01हाईकोर्ट ने ईको सेंसिटिव जोन की अधिसूचना को रद्द किया।
- 022011 के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया गया था।
- 0319 गांवों को बिना ठोस आधार के जोड़ा गया।
- 04सरकार को नए सिरे से प्रक्रिया शुरू करनी होगी।
- 05अगली सुनवाई 3 जून को होगी।
Advertisement
In-Article Ad
हिमाचल प्रदेश के शेरजंग नेशनल पार्क के चारों ओर घोषित ईको सेंसिटिव जोन की अधिसूचना को हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है। अदालत ने कहा कि इस क्षेत्र को ईको सेंसिटिव जोन घोषित करने में 2011 के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया गया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि 2015 में जारी किया गया मसौदा समयसीमा समाप्त होने के कारण रद्द हो गया था। इसके बाद, बिना नए सर्वे या पंचायतों के साथ परामर्श किए, 19 गांवों को इस क्षेत्र में शामिल किया गया, जो कि अनुचित था। यदि सरकार दोबारा इस क्षेत्र को ईको सेंसिटिव जोन घोषित करना चाहती है, तो उसे कानूनी प्रक्रिया को नए सिरे से शुरू करना होगा। इसके साथ ही, हाईकोर्ट ने शिमला में बिछाए गए ओवरहेड तारों के मामले में भी गंभीरता दिखाई है, जिससे नागरिकों को असुविधा हो रही है। अदालत ने टेलीकॉम कंपनियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 3 जून को होगी।
Advertisement
In-Article Ad
इस निर्णय से स्थानीय निवासियों के अधिकारों की रक्षा होगी और उन्हें बिना किसी पूर्वाग्रह के अपने क्षेत्रों में गतिविधियां करने की अनुमति मिलेगी।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि ईको सेंसिटिव जोन की प्रक्रिया में स्थानीय लोगों की राय को शामिल किया जाना चाहिए?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।



