खरमास के बाद अधिक मास: जानें क्या करें और क्या न करें
खरमास खत्म, अब शुरू होगा अधिक मास! जानें इसमें क्या करें और क्या नहीं
Aaj Tak
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खरमास समाप्त होने के साथ ही अधिक मास की शुरुआत हो रही है, जो 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक चलेगा। इस दौरान दान-पुण्य का विशेष महत्व है, जबकि नए कार्यों की शुरुआत और मांगलिक कार्यों से परहेज करना चाहिए।
- 01खरमास खत्म, अधिक मास की शुरुआत 17 मई 2026 से होगी।
- 02इस दौरान दान-पुण्य का विशेष महत्व है।
- 03नई नौकरी या व्यापार की शुरुआत न करें।
- 04शादी-विवाह जैसे मांगलिक कार्य वर्जित हैं।
- 05मांस, मछली, और मदिरा का सेवन न करें।
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खरमास के समाप्त होते ही अधिक मास की शुरुआत होती है, जो इस वर्ष 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक चलेगा। इसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है, जिसमें दान और पुण्य के कार्यों का विशेष महत्व है। इस महीने में लोग गरीबों को अन्न, वस्त्र और अन्य जरूरत की चीजें दान करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अधिक मास में की गई पूजा और दान का फल अन्य महीनों की तुलना में कई गुना अधिक होता है। हालांकि, इस दौरान नए कार्यों की शुरुआत, जैसे नई नौकरी या व्यापार, वर्जित है। इसके अलावा, शादी-विवाह और अन्य मांगलिक कार्य भी नहीं करने चाहिए। अधिक मास में पवित्रता का विशेष ध्यान रखना चाहिए और मांस, मछली, लहसुन, प्याज और मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए।
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अधिक मास में धार्मिक कार्यों और दान-पुण्य का महत्व बढ़ जाता है, जिससे समाज में सहयोग और एकता बढ़ती है।
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