वैशाख अमावस्या 2026: पंचक के साए में जानें क्या करें और क्या न करें
पंचक के साए में पड़ेगी वैशाख अमावस्या! भूलकर भी ना करें ये गलतियां
Aaj Tak
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वैशाख अमावस्या, जो 17 अप्रैल 2026 को पड़ रही है, इस बार पंचक के दौरान आ रही है। इस दिन कुछ विशेष सावधानियाँ बरतनी चाहिए, जैसे शुभ कार्यों से बचना और दक्षिण दिशा में यात्रा न करना। इसके साथ ही, पितरों की शांति के लिए कुछ उपाय भी किए जा सकते हैं।
- 01वैशाख अमावस्या 17 अप्रैल 2026 को है, जो पंचक के दौरान आ रही है।
- 02इस दिन शुभ कार्यों से बचना चाहिए, जैसे शादी या गृह प्रवेश।
- 03दक्षिण दिशा में यात्रा करना अशुभ माना जाता है।
- 04पितरों की शांति के लिए सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए।
- 05गंगाजल छिड़कने से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है।
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वैशाख अमावस्या, जो हिंदू धर्म में पितरों की शांति और आत्मिक शुद्धि के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है, इस बार 17 अप्रैल 2026 को पड़ रही है। यह विशेष दिन पंचक के दौरान आ रहा है, जो इसे और भी महत्वपूर्ण बनाता है। पंचांग के अनुसार, 13 अप्रैल से शुरू हुआ पंचक 17 अप्रैल को दोपहर 12:02 बजे तक रहेगा। इस दौरान कुछ कार्यों से बचना चाहिए, जैसे शुभ कार्यों का आरंभ, दक्षिण दिशा में यात्रा, लकड़ी या ईंधन खरीदना, और निर्माण कार्य करना। इसके अलावा, अमावस्या की रात अकेले बाहर जाने से भी बचना चाहिए। इस दिन पितरों को प्रसन्न करने के लिए शाम को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना और गरीबों को दान देना शुभ माना जाता है। घर में गंगाजल छिड़कने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
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यह दिन धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, जिससे लोग अपने पितरों के प्रति श्रद्धा व्यक्त कर सकते हैं।
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