125 साल पुराना लिलुआ रेल कारखाना: ऐतिहासिक धरोहर का जश्न
125 साल पुराने लिलुआ रेल कारखाना में विरासत जीवंत, ‘हेरिटेज वॉक’ में दिखा गौरवशाली अतीत
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Image: Jagran
हावड़ा के लिलुआ स्थित पूर्व रेलवे के सवारी एवं मालडिब्बा कारखाने ने 125 वर्षों की यात्रा को 'हेरिटेज वॉक' के माध्यम से मनाया। इस कार्यक्रम में ऐतिहासिक मशीनों का प्रदर्शन, वृक्षारोपण अभियान और भविष्य के संरक्षण प्रयासों की जानकारी साझा की गई।
- 01125 साल पुराना लिलुआ रेल कारखाना, हावड़ा में स्थित है।
- 02हेरिटेज वॉक के दौरान ऐतिहासिक मशीनों का प्रदर्शन किया गया।
- 03हेरिटेज म्यूजियम का निर्माण नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
- 04कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने भाग लिया।
- 05कारखाने में चार नए पार्कों का निर्माण किया गया है।
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हावड़ा के लिलुआ स्थित पूर्व रेलवे का सवारी एवं मालडिब्बा कारखाना, जो 125 वर्षों से भारतीय रेल सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, ने हाल ही में 'हेरिटेज वॉक' का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य औद्योगिक धरोहर के संरक्षण और भविष्य की योजनाओं को उजागर करना था। कार्यक्रम में मुख्य कारखाना प्रबंधक यतीश कुमार (आइआरएसएमइ) ने अतिथियों का स्वागत किया, जिसमें जर्मनी और रूस के महावाणिज्य दूत भी शामिल थे। हेरिटेज वॉक के दौरान, आगंतुकों को ऐतिहासिक मशीनों जैसे 1928 का ट्विस्ट ड्रिल ग्राइंडर और 1947 का यूनिवर्सल टूल एंड कटर ग्राइंडर का प्रदर्शन देखने को मिला। इसके अतिरिक्त, कारखाने में वृक्षारोपण अभियान भी चलाया गया। यतीश कुमार ने बताया कि प्रस्तावित हेरिटेज म्यूजियम का कार्य नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इस आयोजन ने औद्योगिक विरासत के प्रति जागरूकता बढ़ाने और भावी पीढ़ियों के लिए धरोहर को संरक्षित करने की प्रतिबद्धता को मजबूत किया।
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इस कार्यक्रम ने औद्योगिक धरोहर के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाई है, जिससे स्थानीय समुदाय को लाभ होगा।
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