भारत को अमेरिका से मिली राहत: रूस से कच्चा तेल खरीदने की अनुमति
भारत को अमेरिका से मिली बड़ी राहत: रूस से कच्चा तेल खरीदने की मिली छूट, सप्लाई की चिंता खत्म
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अमेरिका ने भारत समेत कई देशों को रूस से कच्चा तेल खरीदने की अनुमति दी है, जिससे भारत की आपूर्ति चिंता कम होगी। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब हॉर्मुज स्ट्रेट में जहाजों का आवागमन बाधित है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह छूट भारत के लिए महत्वपूर्ण है।
- 01अमेरिका ने भारत को रूस से कच्चा तेल खरीदने की अनुमति दी है।
- 02यह छूट भारत के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति को आसान बनाएगी।
- 03मार्च में भारत का रूसी कच्चे तेल का आयात 20.6 लाख बैरल प्रति दिन तक पहुंच गया।
- 04हॉर्मुज स्ट्रेट में जहाजों का आवागमन अभी भी बाधित है।
- 05सरकार ने व्यापारिक जहाजों पर गोलाबारी की घटना पर चिंता व्यक्त की।
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अमेरिका ने अपनी नीति में बदलाव करते हुए भारत और अन्य देशों को रूस से कच्चा तेल खरीदने की अनुमति दी है, जिससे भारत को कच्चे तेल की आपूर्ति में राहत मिली है। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध विराम के बावजूद हॉर्मुज स्ट्रेट में जहाजों का आवागमन बाधित है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यह छूट भारत की रिफाइनरियों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि मार्च में भारत का रूसी कच्चे तेल का आयात 20.6 लाख बैरल प्रति दिन तक पहुंच गया। अमेरिका ने 16 मई तक रूस से कच्चा तेल खरीदने की अनुमति दी है, जिसमें 17 अप्रैल या उससे पहले लादे गए तेल शामिल हैं। भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने ईरान के राजदूत से मुलाकात कर हॉर्मुज स्ट्रेट में गोलाबारी की घटना पर चिंता व्यक्त की। सरकार ने घरेलू पीएनजी और सीएनजी परिवहन को प्राथमिकता दी है, और गैस आवंटन को बढ़ाया है।
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इस निर्णय से भारत की रिफाइनरियों को कच्चे तेल की आपूर्ति में आसानी होगी, जिससे घरेलू ऊर्जा सुरक्षा में सुधार होगा।
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