भारत में LPG खपत में 13% की गिरावट, होर्मुज संकट का प्रभाव
भारत में घटी LPG खपत... 13% की गिरावट, होर्मुज टेंशन का असर
Aaj Tak
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भारत में एलपीजी की खपत मार्च 2023 में 13% गिरकर 2.379 मिलियन टन रह गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 2.729 मिलियन टन थी। यह गिरावट होर्मुज जलडमरूमध्य में चल रहे तनाव के कारण हुई है, जिससे एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हुई है।
- 01मार्च 2023 में एलपीजी खपत में 13% की गिरावट आई।
- 02भारत अपनी एलपीजी जरूरत का 60% आयात करता है।
- 03होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव ने एलपीजी की आपूर्ति को बाधित किया।
- 04सरकार ने एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के लिए रिफाइनरियों को निर्देश दिए हैं।
- 05पेट्रोल और डीजल की बिक्री में वृद्धि देखी गई है।
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मार्च 2023 में भारत में एलपीजी की खपत में 13% की गिरावट आई, जो 2.379 मिलियन टन रही। पिछले वर्ष की इसी अवधि में यह 2.729 मिलियन टन थी। यह गिरावट अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति बाधित होने के कारण हुई है। भारत अपनी एलपीजी जरूरत का लगभग 60% आयात करता है, और इस आयात का अधिकांश हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से आता है। इस संकट के चलते सरकार ने घरेलू एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिसमें रिफाइनरियों को पेट्रोकेमिकल उत्पादन से कच्चे माल का उपयोग करने का निर्देश शामिल है। इसके अलावा, पेट्रोल और डीजल की बिक्री में भी वृद्धि देखी गई है, जिसमें पेट्रोल की बिक्री 7.6% और डीजल की बिक्री 8.1% बढ़ी है।
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एलपीजी की खपत में कमी से घरेलू रसोई गैस और कमर्शियल उपयोगकर्ताओं को प्रभावित किया है, जिससे होटल और रेस्टोरेंट व्यवसाय पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
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