शशि थरूर ने परिसीमन बिल को 'राजनीतिक नोटबंदी' बताया, सरकार को दी चेतावनी
डोंट टू इट... शशि थरूर ने परिसीमन बिल को क्यों बताया 'राजनीतिक नोटबंदी', कहा- जल्दबाजी न करे सरकार
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने परिसीमन बिल को 'राजनीतिक नोटबंदी' करार दिया है, जिससे केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इसे जल्दबाजी में लागू करना संघीय ढांचे के लिए हानिकारक हो सकता है और दक्षिणी राज्यों के साथ अन्याय हो रहा है।
- 01शशि थरूर ने परिसीमन बिल को 'राजनीतिक नोटबंदी' कहा।
- 02जल्दबाजी में लागू करने से संघीय ढांचे को नुकसान हो सकता है।
- 03दक्षिणी राज्यों के साथ अन्याय का आरोप।
- 04महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ने पर सवाल उठाए।
- 05कनिमोझी ने भी सरकार की नीतियों पर निशाना साधा।
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नई दिल्ली में महिला आरक्षण पर चल रही चर्चा के बीच, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शुक्रवार को परिसीमन बिल को 'राजनीतिक नोटबंदी' करार दिया। उन्होंने केंद्र सरकार को चेतावनी दी कि इस प्रक्रिया को जल्दबाजी में लागू करना देश के संघीय ढांचे के लिए हानिकारक हो सकता है। थरूर ने कहा कि 2016 की नोटबंदी का अनुभव दिखाता है कि जल्दबाजी में उठाए गए कदमों से कितना नुकसान हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बिल से उन राज्यों को 'इनाम' दिया जा रहा है जो जनसंख्या नियंत्रण में असफल रहे हैं, जबकि दक्षिणी राज्यों के साथ अन्याय हो रहा है। थरूर ने महिला आरक्षण को परिसीमन और 2011 की जनगणना के आंकड़ों से जोड़ने पर भी आपत्ति जताई। डीएमके सांसद कनिमोझी ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह कदम संघीय ढांचे के खिलाफ है और राज्यों की स्वायत्तता को कमजोर करता है।
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यदि परिसीमन बिल जल्दबाजी में लागू होता है, तो यह राज्यों के अधिकारों को कमजोर कर सकता है और दक्षिणी राज्यों के लिए राजनीतिक असंतुलन पैदा कर सकता है।
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