ग्रामीण इलाकों में बस सेवा शुरू करने की तैयारी, लेकिन बसों की कमी
गजब का हाल: ग्राम परिवहन योजना में जो रूट हुए तय, उनके लिए परिवहन विभाग के पास नहीं हैं बसें
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उतर प्रदेश, भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में बस सेवा शुरू करने की योजना बनाई गई है, जिसमें 15 से 28 सीट वाली निजी बसों का संचालन होगा। हालांकि, परिवहन विभाग के पास इन रूटों के लिए बसें उपलब्ध नहीं हैं।
- 01ग्रामीण परिवहन योजना के तहत निजी बसों का संचालन होगा।
- 02बसों को बिना परमिट चलाने की अनुमति होगी।
- 03हर बस स्वामी को प्रतिमाह ₹1500 शुल्क जमा करना होगा।
- 04नौ लोगों ने बस खरीदने के लिए आवेदन किया है।
- 05चालक और परिचालक की नियुक्ति का अधिकार बस स्वामी को दिया गया है।
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उतर प्रदेश, भारत के ग्रामीण इलाकों में बस सेवा शुरू करने की योजना बनाई गई है, जिसमें 15 से 28 सीट वाली निजी बसों का संचालन किया जाएगा। इन बसों को बिना परमिट चलाने की अनुमति होगी, लेकिन परिवहन विभाग के पास इन रूटों के लिए बसें उपलब्ध नहीं हैं। क्षेत्रीय प्रबंधक बीपी अग्रवाल ने बताया कि प्रत्येक बस स्वामी को प्रतिमाह ₹1500 शुल्क जमा करना होगा और हर बस को प्रतिदिन कम से कम दो फेरे लगाने अनिवार्य होंगे। योजना के तहत नौ लोगों ने आवेदन किया है और उन्हें जल्द ही बस खरीदने के लिए कहा गया है। चयनित मार्गों में रजौरा-शिवलालगुर्जा, गोहरा-खेराराठौर, सियाइच-बलीजर, मलियाखेड़ा-खिलावली, फतेहपुर सीकरी-उन्देरा, मेवली-सरेंधी, खेरिया-बृथला, गढ़ी दर्याव और लडुआपुरा शामिल हैं।
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इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन की सुविधा बढ़ेगी, जिससे स्थानीय लोगों को यात्रा करने में आसानी होगी।
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