यूरोप में जेट ईंधन की कमी, उड़ानें रद्द होने का खतरा: IEA प्रमुख
यूरोप के पास 6 हफ्तों का जेट ईंधन शेष, फ्लाइट कैंसल करने की नौबत: अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख
Ndtv
Image: Ndtv
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के प्रमुख फातिह बिरोल ने चेतावनी दी है कि यूरोप के पास केवल छह सप्ताह का जेट ईंधन बचा है। अगर ईरान युद्ध के कारण तेल आपूर्ति बाधित होती है, तो उड़ानें रद्द हो सकती हैं, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।
- 01यूरोप में जेट ईंधन की कमी का खतरा है।
- 02ईरान युद्ध के कारण तेल आपूर्ति बाधित हो सकती है।
- 03एशियाई देशों पर सबसे अधिक असर पड़ेगा।
- 04महंगाई और आर्थिक विकास पर गंभीर प्रभाव।
- 05उड़ानें रद्द होने की संभावना बढ़ रही है।
Advertisement
In-Article Ad
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के प्रमुख फातिह बिरोल ने हाल ही में कहा कि यूरोप के पास छह सप्ताह का जेट ईंधन बचा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान युद्ध के कारण तेल आपूर्ति बाधित होती है, तो कई उड़ानें रद्द हो सकती हैं। बिरोल ने इसे 'अब तक का सबसे बड़ा ऊर्जा संकट' बताया और कहा कि इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर व्यापक होगा। एशियाई देशों, जैसे कि जापान, भारत, और चीन, पर सबसे अधिक प्रभाव पड़ेगा। अगर होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहा, तो यूरोप में भी जेट ईंधन की कमी के कारण उड़ानें रद्द हो सकती हैं। बिरोल ने कहा कि इस संकट से महंगाई बढ़ेगी और आर्थिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
Advertisement
In-Article Ad
अगर जेट ईंधन की कमी होती है, तो यात्रियों को उड़ानें रद्द होने का सामना करना पड़ सकता है, जिससे यात्रा की योजना में बाधा आएगी।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि यूरोप में जेट ईंधन की कमी से उड़ानें रद्द होंगी?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।



