भारतीय झंडे वाले जहाजों का महत्व और वैश्विक समुद्री सुरक्षा में भूमिका
India-Flagged Vessels Meaning : समंदर में 'झंडे' की बहुत है वैल्यू, भारतीय फ्लैग वाले जहाज का मतलब, संकट में परफॉर्मेंस देख लीजिए
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच, भारतीय झंडे वाले जहाजों की सुरक्षा और महत्व पर चर्चा हुई है। ये जहाज भारत के समुद्री नियमों का पालन करते हैं और संकट के समय में भारतीय नौसेना द्वारा उनकी सुरक्षा की जाती है। मार्च 2023 में इन जहाजों का कुल वजन 1.42 करोड़ जीटी तक पहुंच गया है।
- 01भारतीय झंडे वाले जहाजों का संचालन 'मर्चेंट शिपिंग एक्ट' के तहत होता है।
- 02भारत की नौसेना ने संकट के समय में भारतीय जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित की।
- 03भारतीय फ्लैग वाले जहाजों को बंदरगाह शुल्क और टैक्स में छूट मिलती है।
- 04मार्च 2023 में भारतीय फ्लैग वाले जहाजों का कुल वजन 1.42 करोड़ जीटी था।
- 05वित्त वर्ष 2025-26 में 92 नए जहाजों के शामिल होने की उम्मीद है।
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पश्चिम एशिया में तनाव के चलते भारतीय झंडे वाले जहाजों की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किया गया है। ये जहाज भारत में रजिस्टर्ड होते हैं और 'मर्चेंट शिपिंग एक्ट' के अंतर्गत कार्य करते हैं, जिससे उन्हें भारत के समुद्री अधिकार क्षेत्र में काम करने का अधिकार मिलता है। भारतीय नौसेना ने हाल ही में होर्मुज स्ट्रेट में फंसे भारतीय जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता प्राप्त की है। भारतीय झंडे वाले जहाजों को कई फायदे मिलते हैं, जैसे कि बंदरगाह शुल्क में छूट और सरकारी अनुबंधों में प्राथमिकता। मार्च 2023 में इन जहाजों का कुल वजन 1.42 करोड़ जीटी तक पहुंच गया है, और वित्त वर्ष 2025-26 में 92 नए जहाजों के शामिल होने की योजना है। 'मैरीटाइम अमृत काल विजन 2047' के तहत भारतीय फ्लैग वाले जहाजों की वैश्विक हिस्सेदारी को 7% से बढ़ाकर 30-40% करने का लक्ष्य है।
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भारतीय झंडे वाले जहाजों की सुरक्षा बढ़ने से व्यापार और समुद्री परिवहन में सुधार होगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ होगा।
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