पद्मश्री भगवानदास रायकवार का निधन, खेल और संस्कृति में शोक की लहर
Sagar News: एम्स भोपल में हुआ पद्मश्री भगवानदास रायकवार का निधन, खेल और सांस्कृतिक जगत में शोक की लहर
Amar Ujala
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पद्मश्री भगवानदास रायकवार, बुंदेलखंड के प्रसिद्ध शस्त्र कला विशेषज्ञ, का निधन भोपाल के एम्स अस्पताल में हुआ। 83 वर्षीय रायकवार ने पारंपरिक अखाड़ा और लाठी कला को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। उनके निधन से खेल और सांस्कृतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
- 01भगवानदास रायकवार का निधन 83 वर्ष की आयु में हुआ।
- 02उन्होंने पारंपरिक अखाड़ा कला और लाठी कला को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई।
- 03रायकवार को इस वर्ष पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया था।
- 04उनका अंतिम संस्कार रविवार को राजकीय सम्मान के साथ होगा।
- 05बुंदेलखंड की सांस्कृतिक विरासत के लिए उनका जाना एक बड़ी क्षति है।
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पद्मश्री भगवानदास रायकवार, बुंदेलखंड के पारंपरिक अखाड़ा कला के विशेषज्ञ, का निधन शनिवार रात भोपाल के एम्स अस्पताल में हुआ। 83 वर्षीय रायकवार लंबे समय से श्वास संबंधी बीमारी से जूझ रहे थे। उन्होंने अपने जीवन को बुंदेली अखाड़ा और लाठी कला के संरक्षण में समर्पित किया और युवाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए। उनकी इस तपस्या के लिए उन्हें 25 जनवरी 2023 को पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया था। उनके निधन से सागर और पूरे प्रदेश के खेल और सांस्कृतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। उनका अंतिम संस्कार रविवार को राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।
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भगवानदास रायकवार के निधन से बुंदेलखंड की सांस्कृतिक और कलात्मक विरासत को बड़ा धक्का लगा है, जिससे स्थानीय कलाकारों और खेल प्रेमियों में गहरा दुख है।
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