झारखंड हाई कोर्ट ने लापता युवती के मामले में अधिकारियों को तलब किया
झारखंड हाई कोर्ट की कड़ी फटकार, कंकाल मिलने के बाद भी DNA जांच न होने पर DGP और SP समेत कई अधिकारी तलब
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झारखंड हाई कोर्ट ने बोकारो में लापता युवती के मामले में नर कंकाल की डीएनए जांच न होने पर डीजीपी, एसपी और अन्य अधिकारियों को तलब किया है। अदालत ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जांच में लापरवाही पाई गई तो मामला सीबीआई को सौंपा जा सकता है।
- 01झारखंड हाई कोर्ट ने लापता युवती के मामले में अधिकारियों को तलब किया।
- 02नर कंकाल की डीएनए जांच न होने पर अदालत ने कड़ी नाराजगी जताई।
- 03अगली सुनवाई 16 अप्रैल को होगी।
- 04पिंडराजोड़ा थाना के 18 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया।
- 05मामले के आरोपित दिनेश महतो को गिरफ्तार किया गया है।
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झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस एसएन प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की अदालत ने बोकारो में लापता युवती से जुड़े मामले में सुनवाई के दौरान नर कंकाल की डीएनए जांच न होने पर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने डीजीपी, आइजी, डीआइजी, बोकारो एसपी, एफएसएल निदेशक और एसआईटी टीम को सभी दस्तावेजों के साथ तलब किया है। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि माता-पिता और कंकाल के नमूने लेकर कुछ ही घंटों में डीएनए जांच कराई जा सकती थी। इसके बावजूद कार्रवाई में देरी पर अदालत ने चेतावनी दी कि यदि जांच में लापरवाही पाई गई, तो मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपा जा सकता है। इस मामले में पिंडराजोड़ा थाना के 18 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है, और आरोपित दिनेश महतो को गिरफ्तार किया गया है। अगली सुनवाई 16 अप्रैल को होगी।
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इस मामले की सुनवाई और अधिकारियों की जवाबदेही से स्थानीय लोगों में न्याय की उम्मीद बढ़ी है।
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