ओडिशा में लकड़ी माफिया का आतंक: दो साल में 466 गिरफ्तार
ओडिशा के जंगलों पर लकड़ी माफिया का साया, दो साल में 466 गिरफ्तार; फिर भी बेखौफ तस्कर
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ओडिशा के जंगलों में लकड़ी माफिया की गतिविधियाँ बढ़ती जा रही हैं, जिससे अवैध कटाई के 943 मामले दर्ज हुए हैं और 466 माफियाओं को गिरफ्तार किया गया है। वन विभाग की कार्रवाई के बावजूद, तस्करी का सिलसिला जारी है, जिससे वन्यजीवों पर भी खतरा मंडरा रहा है।
- 01ओडिशा में पिछले दो वर्षों में 943 अवैध कटाई के मामले दर्ज हुए हैं।
- 02466 लकड़ी माफियाओं को गिरफ्तार किया गया है।
- 03वन विभाग ने 281 वाहनों को जब्त किया है।
- 04वन्यजीवों के शिकार में भी वृद्धि हुई है, 3,074 शिकारी गिरफ्तार हुए हैं।
- 05एआई तकनीक का उपयोग कर माफियाओं और शिकारियों को पकड़ने की कोशिश की जा रही है।
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ओडिशा के जंगलों में लकड़ी माफिया का आतंक बढ़ता जा रहा है, जिससे अवैध कटाई की घटनाएँ रोज़ सामने आ रही हैं। पिछले दो वर्षों में 943 अवैध कटाई के मामले दर्ज किए गए हैं, जिसमें 466 माफियाओं को गिरफ्तार किया गया है। वन विभाग ने 281 वाहनों को जब्त किया है, लेकिन इसके बावजूद गंजाम, गजपति, कोरापुट, और अन्य जिलों में तस्करी का सिलसिला जारी है। वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अनुसार, वर्ष 2024-25 में 515 मामले दर्ज हुए थे और 258 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा, वन्यजीव शिकार के मामलों में भी वृद्धि हो रही है, जिसमें पिछले तीन वर्षों में 3,074 शिकारी गिरफ्तार हुए हैं। वन विभाग ने जंगलों की सुरक्षा के लिए एआई कैमरों का उपयोग शुरू किया है, जिससे सैकड़ों माफियाओं और शिकारियों को पकड़ा गया है।
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यह स्थिति स्थानीय वन्यजीवों और पारिस्थितिकी तंत्र को खतरे में डाल रही है, जिससे स्थानीय समुदायों की जीवनशैली प्रभावित हो रही है।
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